अमर उजाला ब्यूरो
शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। ब्लाक क्षेत्र के गांव नगला नान में करीब पांच-छह दिनों से कई बच्चे बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। बुधवार शाम उपचार के दौरान एक बालिका की मौत भी हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद चिकित्सीय टीम गांव झांकने तक नहीं आई।
नगला नान गांव में श्यामपाल की बेटी आराध्या (डेढ़ साल) को करीब पांच-छह दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उसका अमलैया आशानंद के एक नर्सिंग में इलाज करवा रहे थे। बुधवार देर शाम उपचार के दौरान आराध्या की मौत हो गई। इसके अलावा नगला नान में अंशु पुत्र श्यामपाल, अभय पुत्र गुड्डू, दुर्गा पुत्री रामरतन, करिश्मा और सहबाग पुत्र मनोज कुमार समेत करीब 12-13 बच्चों को पांच-छह दिनों से बुखार आ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इसकी सूचना भी दी गई लेकिन चिकित्सीय टीम नहीं आई। मजबूरी में झोलाछाप और नर्सिंग होम में बच्चों का इलाज करवाना पड़ रहा है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. धन सिंह ने बताया कि उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है। शुक्रवार को गांव में टीम भेजकर दवा बंटवाई जाएगी।