अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिले में आशा ज्योती केंद्र के भवन के लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। लोहिया व मिशन अस्पताल के पीछे खाली पड़ी जमीन में इसका निर्माण कराया जाएगा। इसमें एक ही छत के नीचे महिलाओं को परामर्श, आश्रय व चिकित्सा आदि सुविधाएं दी जाएंगी।
यूपी सरकार सभी जिलों में महिलाओं के लिए आशा ज्योति केंद्र खोलने जा रही है। फर्रुखाबाद में लोहिया व मिशन अस्पताल के पीछे खाली पड़ी जगह में केंद्र का निर्माण कराया जाना है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (उत्तर प्रदेश जल निगम) को दी गई है। इनमें पीड़ित महिलाओं को तीन से पांच दिन रहने की सुुुविधा दी जाएगी। इन केंद्रों में यौन उत्पीड़न, बलात्कार, एसिड अटैक, तीन तलाक व घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को कानूनी व चिकित्सीय मदद दी जाएगी। आशा ज्योति केंद्रों में डॉक्टर, पुलिस व मनोवैज्ञानिकों की तैनाती की जाएगी जो इन महिलाओं की मदद करेंगे। पीड़िताओं को कानूनी सहायता दिलाने के लिए अच्छे वकील भी यहीं उपलब्ध कराए जाएंगे। यह केंद्र 24 घंटे काम करेंगे और यहां दो-दो काउंसलर तैनात किए जाने की योजना है।
पीड़िताओं को दी जाएगी रोजगार परक ट्रेनिंग
आशा ज्योति केंद्रों में आने वाली पीड़ित महिलाओं को आजीविका चलाने के लिए उन्हें रोजगार परक प्रशिक्षण भी देने की योजना है। इससे वह अपने पैरों पर खड़ी हो सकेंगी।
मौके पर पहुंचकर दी जाएगी मदद
आशा ज्योति महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के जरिए पीड़ित महिलाओं को मौके पर मदद दी जाएगी। इसके कॉल सेंटर का विस्तार किया जाएगा। इन केंद्रों में आने वाली कॉल को संबंधित जिले के आशा ज्योति केंद्रों को ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बाद संबंधित केंद्रों से उन्हें मौके पर मदद दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक केंद्र में एक-एक वाहन की भी व्यवस्था की जाएगी। पीड़ित महिलाओं को इन वाहनों से आशा ज्योति केंद्रों में भी लाया जाएगा। इन केंद्रों के संचालन के लिए एक प्रशासक की नियुक्ति की जाएगी। प्रशासक महिला कल्याण विभाग की ओर से रखे जाएंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
योजना तैयार कर ली गई है। जगह भी चिह्नित कर ली गई है। अभी बजट नहीं मिला है। बजट मिलने के बाद काम शुरू कराया जाएगा।
भारत प्रसाद, जिला प्रोबेशन अधिकारी, फर्रुखाबाद