अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद/अमृतपुर। गंगा नदी ने गुरुवार को दोबारा चेतावनी बिंदु छू लिया है। दूसरी ओर रामगंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार पहुंच गया है। इससे करीब दो दर्जन गांवों के लोग परेशान हैं। गुरुवार को गंगा में एक लाख 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि रामगंगा में सात हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
गुरुवार को पांचालघाट पर गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर पहुंच गया। इससे अमृतपुर क्षेत्र के फुला, जटपुरा, माखन नगला, करनपुर घाट, मंझा, ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया और सुंदरपुर गांव में पानी पहुंच गया है। इसके चलते एक बार फिर यहां के ग्रामीणों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों का कहना है उनके गांवों में अभी कीचड़ खत्म भी नहीं हो पाया था तब तक पानी फिर से आ गया।
दूसरी ओर रामगंगा का जलस्तर 136.75 मीटर पर पहुंच गया है। यहां भी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। पानी चेतावनी बिंदु के पार पहुंचने से ग्रामीणों भय व्याप्त है। रामगंगा से जलस्तर बढ़ने से मोकुल पुर, मौलिया, बेचे पट्टी, कोला सोता, रेंगापुर, अहलाद भटौली, खड़गपुर आदि गांव के खेतों में पानी भर गया है। इससे किसानों की तिली और उर्द, मूंग की फसलें बरबाद हो रहीं हैं।
अहलादपुर में रुक गया कटान
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से अहलादपुर भटौैली में कटान रुक गई है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी नीचे नीचे कटान करती है। अब जलस्तर ज्यादा हो गया है तो कटान बंद हैं। हालांकि अपना घर तोड़ चुके ग्रामीण अब कड़क्का बांध पर झोपड़ी डाल कर रह रहे हैं।
जगह की चल रही है तलाश
एसडीएम अमृतपुर रमेश चंद्र ने गुरुवार को अहलादपुर भटौली का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सभी को बसाने के लिए जगह की तलाश की जा रही है। कानूनगो व लेखपाल को लगाया गया है। जल्दी ही जगह की व्यवस्था कर ली जाएगी। उन्होेंने कछुआ गाड़ा, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, हरसिंहपुर कायस्थ व ऊगरपुर में ग्रामीणों को राहत सामग्री बांटी।
बाढ़ पीड़ितों के लिए नहीं हैं दवाइयां
अमृतपुर। बाढ़ पीड़ितों के लिए विभाग में दवाओं का टोटा है। क्षेत्र में लगाई गई टीम के पास एंटीबायोटिक, पैरासीटामॉल, ब्लड प्रेशर संबंधी व आंखों आदि की दवाएं नहीं हैं। राजेपुर सीएचसी प्रभारी प्रमित राजपूत ने बताया कि 15 दिन पहले दवाइयों की डिमांड भेजी गई थी। अभी तक अतिरिक्त दवाइयां नहीं मिली हैं। जो हैं उन्हीं से काम चला रहे हैं।