अमर उजाला ब्यूरो
जहानगंज (फर्रुखाबाद)। खेत में टूटे पड़े तारों की चपेट में आने से गुरुवार को बालक की मौत हो गई। परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा छिबरामऊ-फर्रुखाबाद मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने को लेकर ग्रामीणों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। चार घंटे बाद एसडीएम के कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खुल सका।
थाना क्षेत्र के गांव नगला रघोल निवासी कन्हैया (9) पुत्र नत्थू जोशी गांव के ही सरकारी स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता था। गुरुवार सुबह कन्हैया खेत पर काम कर रहे पिता को बुलाने के लिए जा रहा था। सत्यपाल के नलकूप के पास टूटे पड़े बिजली के तारों की चपेट में आने से कन्हैया की मौत हो गई। इस बीच उधर से निकले ग्रामीणों ने कन्हैया को पड़ा देखा तो इसकी जानकारी पिता को दी। इस पर पिता और परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने फोन कर बिजली बंद कराई।
घटना से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने छिबरामऊ-फर्रुखाबाद मार्ग स्थित भड़ौसा तिराहा पर शव रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। जाम की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया। इसको लेकर महिलाओं और ग्रामीणों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई।
प्रभारी एसओ नंदकिशोर वर्मा ने इसकी जानकारी आलाधिकारियों को दी। सूचना पर अमृतपुर सीओ सुरेंद्र तिवारी के साथ ही कमालगंज, मोहम्मदाबाद, क्यूआरटी मौके पर पहुंच गई। सीओ ने भी जाम हटाने को कहा। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक एसडीएम सदर अजीत सिंह और अधिशासी अभियंता बिजली नहीं आएंगे, तब तक जाम नहीं खुलेगा।
सीओ ने एसडीएम को अवगत कराया। कुछ ही समय बाद सीओ, अधिशासी अभियंता रमेशचंद्रा व एसडीओ मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणाें ने आरोप लगाया कि पांच दिन से तार टूटे पड़े हैं। इसकी जानकारी एसडीओ को दी गई थी। इसके बाद भी उन तारों को सही नहीं कराया गया। लाइनमैन मुकेश तारों को खोल कर चला जाता है। बगैर पैसे वह कोई काम नहीं करता है। बाद में पहुंचे एसडीएम ने आश्वासन दिया कि कन्हैया के परिवार वालों को आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके अलावा परिवार वालों को आवास भी दिलाया जाएगा। एसडीएम ने लाइनमैन और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के आदेश पुलिस को दिए। तब ग्रामीणों ने चार घंटे बाद जाम खोला।
आक्रोशित ग्रामीणों ने सिपाही से की मारपीट
जहानगंज। शव रख कर ग्रामीण बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इसकी सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस जाम खोलने के लिए लोगों को समझा रही थी। इस बीच एक सिपाही ने वहां पर मौजूद एक युवक को धक्का दे दिया। यह देखकर लोगों ने सिपाही को पकड़कर पीट दिया। किसी प्रकार सिपाही वहां से भाग निकला। ब्यूरो
शव देखकर मां अचेत
जहानगंज। तारों की चपेट में आने से कन्हैया की मौत होने की सूचना पर उसकी मां कुसुमा देवी का रो रोकर बुरा हाल हो गया। शव को देखते ही वह अचेत हो गई। गांव की महिलाओं ने उसे ढांढस बंधाया। परिजनों ने बताया कि कन्हैया के भाई जितेंद्र, सूरज, बलराम, गणेश और बहन ज्योति है।