अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद नगर पालिका में कूड़ा उठाने और अतिक्रमण आदि कार्य में लगे वाहन यमदूत बनकर शहर में दौड़ रहे हैं। 83 वाहनों में से अभी तक सिर्फ चार वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है, जबकि जिलाधिकारी इन वाहनों के रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश दे चुके हैं। एआरटीओ और पुलिस प्रशासन भी पालिका के वाहनों को पकड़ने की जहमत नहीं उठाता है। इन वाहनों का बीमा भी नहीं है।
जिले की सबसे बड़ी नगर पालिका फर्रुखाबाद के स्वास्थ्य और अतिक्रमण विभाग में 83 वाहन हैं। इनमें से नगर पालिका करीब 60-62 वाहनों का नियमित इस्तेमाल करती है। अभी तक नगर पालिका दो बड़ी जेसीबी और दो बड़े ट्रैक्टरों का ही रजिस्ट्रेशन करा सकी है। शेष वाहन करीब आठ किलोमीटर दायरे में बसे फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ युग्म नगर में घनी आबादी के बीच धड़ल्ले से फर्राटा भरते नजर आते हैं। रजिस्ट्रेशन न होने से इन वाहनों का बीमा भी नहीं हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति हादसे का शिकार हो जाए तो उसे क्लेम तक नहीं मिल पाएगा।
तत्कालीन ईओ नगर पालिका ने सफाई नायक विनय कुमार को सभी वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक फाइल कार्यालय में ही पड़ी है। इस संबंध में सफाई नायक विनय कुमार ने बताया कि वाहनों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने बताया कि नगर पालिका में लगे वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल बनवाई जा रही है। कुछ वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किए जा चुके हैं। जल्द ही एआरटीओ कार्यालय से पालिका के वाहनों का रजिस्ट्रेशन करा लिया जाएगा।
छह वाहन कंडम
नगर पालिका के स्टोर रूम में छह वाहन कंडम हैं। स्टोर रूम इंचार्ज महेश बाबू ने बताया कि एक लोडर जेसीबी, एक बड़ी जेसीबी और चार टेंपो कंडम हालत में पड़े हैं।
एक नजर में पालिका के वाहन
बड़े ट्रैक्टर 25, छोटे ट्रैक्टर 13, दो मोक्षरथ बसें, सात हाइड्रोलिक डीसीएम, दो रोबोट जेसीबी, दो छोटी जेसीबी, दो बड़ी जेसीबी, एक लोडर जेसीबी, एक पोकलैंड, 23 लोडर, चार टेंपो और एक काऊकैचर (लोडर)।