अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। आईएमए ने केंद्र सरकार के विरोध में ओपीडी बंद कर बैंठक की। इस दौरान तय हुआ कि कभी भी राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर अनिश्चित कालीन हड़ताल हो सकती है। इसके लिए वह लोग तैयार रहे।
शनिवार को आईएमए अध्यक्ष हरीकिशन बचानी की अध्यक्षा में शहर के आवास विकास तिराहा स्थित एक नर्सिंग होम में केंद्र सरकार के विरोध में बैठक की। इस दौरान अध्यक्ष ने कहा कि एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) बिल के विरोध पर धिक्कार दिवस के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने ने कहा कि सभी पदाधिकारियों के अलावा अन्य डॉक्टरों ने अपनी ओपीडी को बंदकर इसका विरोध किया। हालांकि इमरजेंसी में मरीजों को ही देखा गया। उन्होंने ने बताया कि केंद्र सरकार ने मांगों को नहीं मना तो कभी भी राष्ट्रीय नेतृत्व से अनिश्चित कालीन हड़ताल करने का निर्णय आ सकता है। इसके लिए वह लोग तैयार है। उन्होंने ने बताया कि उसे सफल बनाने के लिए उनकी टीमें अस्पतालों को चेक करेगी। बैठक के दौरान डॉक्टर केएम द्विवेदी, डॉक्टर सुरेश सक्सेना, डॉक्टर अरविंद गुप्ता, डॉक्टर प्रदीप टोप्पो, डॉक्टर केके गर्ग, डॉक्टर बीएम दास समेत कई डॉक्टर मौजूद रहे।
वहीं, कायमगंज में टंकी रोड स्थित आईएमए महामंत्री डा. जेयू खान के क्लीनिक पर शनिवार को बैठक हुई। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. बीडी शर्मा ने बैठक में कहा कि सरकार द्वारा एमसीआई को भंगकर संसद में नया बिल एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) पास किया जा रहा है, जो गलत है। यह बिल संघीय व्यवस्था एवं गरीब के हितों के खिलाफ है। उन्हाेंने कहा कि इस बिल में एमबीबीएस परीक्षा के बाद एक अतिरिक्त परीक्षा देनी होगी, जो छात्रों के हितों के खिलाफ है। यदि सरकार द्वारा इस बिल को वापस नहीं लिया गया तो आईएमए पूरे देश में हड़ताल करेगी। चिकित्सकाें ने सुबह 6 से शाम 6 बजे तक क्लीनिक बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर डा. जेयू खान, डा. प्रतोष अग्रवाल, डा. शरद गंगवार, डा. एमपी सिंह, डा. गौरव सिंह, डा. संदीप अग्रवाल और डा. मतलूब मोहम्मद आदि मौजूद रहे।