अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। अघोषित कटौती, लोकल फाल्टों से लोग बेहाल हैं। शहरी क्षेत्र में दिन भर बिजली आंख मिचौली करती है और शाम होते ही आपूर्ति का बुरा हाल हो जाता है। उमस भरी गर्मी में उपभोक्ता बेहाल हैं। ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली दिए जाने का रोस्टर है, लेकिन ग्रामीणों को आठ घंटे भी नहीं मिल रही है। ग्रामीणों को दिन में पेड़ की छांव और रात छत पर गुजारनी पड़ रही है।
प्रदेश सरकार ने जिला मुख्यालय को 24, तहसील क्षेत्र को 20 और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली दिए जाने की घोषणा की थी। शहरी क्षेत्र में लोकल फाल्ट और अघोषित कटौती के कारण 24 घंटे उपभोक्ताओं को बिजली नसीब नहीं हो रही है। लोकल फाल्टों के कारण दिन में कई बार बिजली आती और जाती है। शाम छह से रात 12 बजे तक कई बार बिजली की कटौती होती है। इस कारण दुकानदार और शहरी परेशान रहते हैं। ग्रामीण इलाकों में तार झूलते हैं, इस कारण हल्की सी हवा चलते ही तार टकराने से फाल्ट आ जाता है। जिससे आपूर्ति ठप हो जाती है।
ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे के बजाय पांच से सात घंटे बिजली मिलती है। फसलों में पानी नहीं लग पता और गर्मी से भी बेहाल रहते हैं।
एक्सईएन ग्रामीण रमेश चंद्र ने बताया कि फीडरों की लाइन काफी दूर तक गई है। इस कारण हवा चलने पर तार आपस में टकराते हैं। फाल्ट आने से बिजली बंद हो जाती है। इसकी जानकारी मिलते ही जल्द आपूर्ति ठीक करवा दी जाती है।