अमर उजाला ब्यूरो।
फर्रुखाबाद। नोटबंदी के डेढ़ साल बाद भी बैंक कैश की किल्लत से उबर नहीं पाए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लगे एटीएम में नो कैश का बोर्ड टांग दिया गया है। इससे लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को जब बैंक खुलने का नंबर आया तो लाइन लग गई। इसी तरह, कंपिल कस्बे में बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम है तो एक इंडिया वन प्राइवेट कंपनी का है। दोनों में ही कैश नहीं होने का बोर्ड लगा था। शमशाबाद में एसबीआई के एटीएम को बंद कर दिया गया है। इस बाबत मैनेजर ने बताया कि कैश नहीं होने के कारण एटीएम बंद कर दिया गया। वहीं, प्राइवेट एटीएम इंडिया वन में भी कैश नहीं था। इसी तरह मोहम्मदाबाद क्षेत्र के तीन एटीएम एसबीआई, बीओआई और इंडिया वन में भी कैश नहीं था। हालांकि बैंक में रुपयों का लेनदेन चल रहा था, लेकिन एटीएम बंद होने के कारण बैंक में जबरदस्त भीड़ थी।
बैंक नहीं खुलने पर हंगामा
नवाबगंज स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के सामने सोमवार की सुबह उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। जब 10:30 तक भी बैंक नहीं खुला तो उपभोक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। लगभग 11 बजे करीब बैंक कर्मचारियों के पहुंचने पर मामला शांत हुआ। मैनेजर भगवान स्वरूप सक्सेना ने बताया कि यहां एक कर्मचारी की गाड़ी खराब हो गई थी। अन्य लोग बाहर से आते हैं। दो दिन की छुट्टी में घर गए थे। इस कारण देर हो गई।
शहर में 50-50 है मामला
फर्रुखाबाद शहर के हालात भी ज्यादा जुदा नहीं थे। यहां पर कुछ एटीएम में कैश था तो कुछ में नहीं। विजया बैंक और एसबीआई के एटीएम में कैश था। वहीं महाराष्ट्र बैंक और इलाहाबाद बैंक में कैश नहीं था। इसका शटर ही डाउन था। बैंक की कर्मचारी स्वाती गुप्ता ने बताया कि दोपहर में कैश खत्म हो गया था। शाम तक दोबारा कैश डलवा दिया जाएगा। वहीं, विजया बैंक के प्रबंधक अविनाश चंद्र ने बताया कि दो दिन की छुट्टी के बाद सुबह ही कैश डलवाया है।