अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। डायरिया से बच्चों की होने वाली मौतों की रोकथाम के लिए जल्द ही उत्तर प्रदेश में रोटा वायरस वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। रोटा वायरस वैक्सीन के लिए जिले में तीन लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मानें तो रोटा वायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है, जो बच्चों में दस्त पैदा करने का सबसे बड़ा कारण है। इससे बच्चे की मौत भी हो सकती है। रोटा वायरस की शुरूआत हल्के दस्त से होती है, जो बाद में गंभीर रूप ले लेती है। पर्याप्त इलाज न मिलने के कारण बच्चे की मृत्यु भी हो जाती है।
डब्लूएसओ के आंकड़ों के अनुसार भारत में पांच साल तक के 10 प्रतिशत बच्चों की मौत डायरिया से होती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में रोटा वायरस वैक्सीन को देश के दस राज्यों में शामिल किया। अब उत्तर प्रदेश में भी इसकी तैयारी चल रही है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अनुज त्रिपाठी ने बताया कि रोटा वायरस वैक्सीन का प्रशिक्षण जिले में तीन लोगों को दिया जा चुका है। जल्द ही ब्लाक स्तर पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।