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आईएचएसडीपी योजना...

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न हों निराश, पूरी होगी घर की आस
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पीओ डूडा बोले, ड्राफ्ट वापस ले चुके लोगों के आवेदन रिजेक्ट नहीं होंगे


आवास निर्माण में देरी होने से 200 आवेदक ले गए ड्राफ्ट
आईएचएसडीपी योजना के तहत जरूरतमंदों को मुहैया होने हैं मकान


अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। आवासीय योजना के निर्माण में लेटलतीफी के चलते अब आवेदकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मामला कार्यदायी संस्था डूडा से जुड़ा है। दरअसल इंटी ग्रेटिड हाउसिंग एंड स्लम डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईएचएसडीपी) के तहत नवदिया में कुल 72 आवासों का निर्माण होना है। 2008-09 में शुरू निर्माण कार्य तय अवधि में पूरा न होते देख दो सौ आवेदक अपने ड्राफ्ट वापस ले लिए थे। हालांकि पीओ डूडा का कहना है कि ड्राफ्ट वापस ले चुके लोगों के आवेदन रिजेक्ट नहीं होंगे। प्रक्रिया के तहत पात्रों को आवास मुहैया कराए जाएंगे।
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डूडा की ओर से आईएचएसडीपी योजना के तहत गरीब तबके के लिए 2.40 करोड़ की लागत से 72 आवास बनवाए जा रहे हैं। योजना के तहत सामान्य वर्ग के जरूरतमंदों ने आवास के लिए 12.50 हजार और एससी एसटी वर्ग के लोगों से 10 हजार रुपये का ड्राफ्ट आवेदन के साथ डूडा कार्यालय में जमा किया था। इस दौरान तकरीबन 650 लोगों ने आवेदन किए थे। लाटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन कर उन्हें आवास मुहैया कराया जाना है। जमा किए गए ड्राफ्ट के बाद लाभार्थी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यानी 10 से 12.50 हजार रुपये में गरीब को रहने के लिए छत मुहैया हो जाएगी। हाल ही में एक लंबे अंतराल के बाद दोबारा कालोनी का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे लोगों में एक बार फिर घर उपलब्ध होने की आस जगी है। ऐसे आवेदक जिन्होंने ड्राफ्ट वापस ले लिए हैं, वह इस बात को लेकर परेशान हैं कि अब दोबारा किस आधार पर आवेदन जमा करें। उधर, डूडा के प्रोजेक्ट आफीसर अतुल यादव ने बताया कि जो आवेदक अपने ड्राफ्ट ले गए हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं हैं, उनके आवेदन रिजेक्ट नहीं हुए हैं। पीओ ने बताया कि आवास बनकर तैयार हो जाने के बाद सभी आवेदनों की जांच कराई जाएगी। प्रक्रिया के तहत पात्रों को आवास आवंटित कर दिए जाएंगे। साथ ही जो लोग ड्राफ्ट ले गए हैं, उनसे दोबारा राशि जमा कराई जाएगी।
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