अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। गंगा मेें आई बाढ़ और धारा मुड़ने से तीसराम की मडैया का अस्तित्व लगभग समाप्त होने को है। गंगा की तेज धारा की चपेट में आने से 1036.2 हेक्टेयर जमीन गंगा में कट कर समा गई है। अब इस गांव में 34 में से 6 परिवार के अभी तक आवास सुरक्षित थे।
वह भी कटान की चपेट में आने की कगार पर है। इस कारण ग्रामीणों ने आवासों को तोड़कर पलायन करना शुरू कर दिया है। अलादपुर भटौली में रामगंगा से हो रहा कटान जलस्तर कम होने से थम गया है। लेकिन कटान में जिन किसानों के खेत कट गए है। उनका प्रशासन की ओर से सर्वे कराना अभी शुरू नहीं किया है।
गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार हो जाने के बाद तीसराम की मडैया में तेजी से कटान हुआ। गंगा की धारा गांव की ओर मुड़ने से कटान और तेज हो गई थी। इस कारण गांव व खेत कट कर गंगा में समा गए। इस गांव में 34 परिवार रहते थे। 28 परिवार गांव कटने के कारण मकानों और झोपड़ियों को तोड़कर पलायन कर गए थे।
गांव में मंजीत, रामरहीश, अनार सिंह, रामदास, सुरेश चंद्र और सुरेंद्र के मकान बच गए थे। वह भी अब कटान तेज होने के कारण कटने की कगार पर पहुंच गए। इस कारण इन ग्रामीणों ने गुरुवार से मकान तोड़ना शुरू कर दिया।
वह घर में रखा सामान निकाल कर नाव से पड़ोसी गांव की सड़क किनारे और रिश्तेदारोें के यहां जाना शुरू कर दिया है। गंगा से हुए कटान की लेखपाल से सर्वे कर प्रशासन को रिपोर्ट भेजी। इस रिपोर्ट में 1036.2 हेक्टेयर जमीन गंगा में कटने का जिक्र किया है। वहीं रामगंगा से अलादपुर भटौली में कटान हो रहा था। रामगंगा का जलस्तर कम होने के कारण कटान लगभग थम गया है। इस कारण इस गांव के लोगों ने राहत की सास ली।
खेत गंगा में समा गए अब मजदूरी का सहारा
अमृतपुर। तीसराम की मडैया में गंगा के कटान करने से खेत और गांव कट गया है। इस कारण इस गांव के लोगों के सामने अब आर्थिक संकट पैदा हो गया। ग्रामीण नरवीर, मिहीलाल, रामदास, मंजीत और किशनपाल का कहना है कि गंगा से हुए कटान में उनके खेत कट गए है। खेती कर वह परिवार का जीवन यापन करते थे। अब वह जरिया समाप्त हो गया है। परिवार को पालन पोषण करने के लिए अब मजदूरी करने का सहारा बचा है।
गंगा और रामगंगा का जलस्तर हुआ कम
फर्रुखाबाद। गंगा और रामगंगा का जलस्तर कम हो गया है। गंगा का जलस्तर 135.60 मीटर और रामगंगा का जलस्तर 134.70 मीटर पर आ गया है। नरौरा से गंगा में गुरुवार को 13008 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा में खो हरेली रामनगर से 1635 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
-अभी भी हो रहा लगातार कटान, बचे छह परिवार भी तोड़ने लगे मकान
-अलादपुर भटौली में रामगंगा की कटान थमी, जमीन का नहीं हुआ सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो