फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्रूखाबाद: ढूंढे नहीं मिल रहे सम्मान निधि के हकदार 15 हजार किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 15 हजार से ज्यादा किसान ऐसे हैं जो ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। इन किसानों के खातों में 12 किस्तें तक पहुंच चुकी हैं, जबकि 13वीं किस्त के लिए पोर्टल पर भूलेख का डाटा फीड कराना जरूरी है। कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव इनकी तलाश कर रहे हैं। इस माह तक डाटा पोर्टल पर फीड न हुआ तो ये 13वीं किस्त से वंचित हो जाएंगे।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को सहायता और सम्मान देने के लिए किसान सम्मान निधि योजना शुरू की है। योजना के तहत अभी तक 12 किस्तों का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। किसानों के खातों में दो हजार माह के हिसाब से वर्ष में तीन किस्तों में धनराशि भेजी जा रही है। शुरू में किसानों से भूमि के प्रपत्र जमा कराकर सम्मान निधि बांटी गई थी।
बाद में योजना परवान चढ़ी तो पीएम किसान पोर्टल पर डाटा अपलोड किया गया। जिले के सातों ब्लॉकों में इस योजना के तीन लाख से अधिक किसान पंजीकृत किए गए। बाद में हुई जांच के बाद लगभग दस हजार पांच सौ किसानों को मृतक और भूमिहीन होने पर सूची से अपात्र घोषित कर दिया गया।
विज्ञापन

सरकार ने किसानों के बैंक खातों में सीधे योजना की धनराशि भेजने के लिए ईकेवाईसी कराने तथा बैंक खातों से आधार कार्डों को सीड कराने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही किसानों की जमीन का भूलेख का डाटा भी वेबसाइट पर दर्ज कराने की बात भी कही गई थी।
किसानों के आधार बैंक खातों से सीड नहीं हो पा रहे थे। इस पर विभागीय अधिकारियों ने लाभार्थियों को अपने खाते पोस्ट ऑफिस में खुलवाने के आदेश देने पड़े। अब किसानों के भूलेख डाटा अपलोड न होने के कारण योजना का लाभ मिलता नहीं दिख रहा है।
केंद्र सरकार की मंशा किसानों को होली के त्योहार से पहले 13वीं किस्त का भुगतान करने की है। इसके चलते विभागीय अधिकारियों को आ रही समस्याओं को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
यहां आ रही समस्या
15 हजार से अधिक ऐसे लाभार्थी किसान हैं जिनका भू लेख अंकन ही नहीं हो पाया है। अधिकारियों की माने तो इस सूची में ऐसे किसान शामिल हैं जो कि दूसरे गांव में रहते हैं और उनकी जमीन किसी दूसरे गांव में है। जमीन खरीदने के बाद दाखिल खारिज न हो पाने के कारण भी डाटा फीड नहीं हो पा रहा है। वहीं, ऐसे भी कुछ लोग सूची में हैं जो कि रोजगार के संबंध में बाहर हैं। संपर्क न हो पाने के कारण ब्योरा दर्ज नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन



जिन किसानों का भूलेख डाटा पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पाया है, वे संबंधित विभागीय अधिकारी अथवा कृषि कार्यालय में आकर समस्या दूर करा सकते हैं।

- अनिल कुमार यादव, उप निदेशक, कृषि
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें