पुलिस लाइन में खड़ीं पकड़ी गई बसें।
- फोटो : amarujala
पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा के निर्देश पर यातायात पुलिस और शहर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार रात शहर में प्राइवेट बसों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया। 14 बसों के पकड़े जाने से सत्ताधारी नेताओं की धड़कनें बढ़ गईं। शुक्रवार को सत्ताधारी दल के विधायक एसपी से उनके कार्यालय में मिले। विधायक के कहने पर कागज पूरे होने से एक बस को छोड़ दिया गया। 13 बसों को कागज पूरे न होने पर सीज कर दिया गया। इन बसों के चालकाें और एक बस के मालिक को पूछताछ के बाद शाम को छोड़ दिया गया।
मैनपुरी में स्लीपर बस पलटने से हुई 18 लोगों की मौत के बाद गलत तरीके से चल रहीं प्राइवेट बसों को पकड़ने के लिए अभियान चल रहा है। शहर कोतवाल संजीव राठौर और यातायात प्रभारी देवेश कुमार ने टीम के साथ गुरुवार की रात देवरामपुर क्रासिंग, लालगेट, रोडवेज बस अड्डा के पास छापेमारी की। इस दौरान करीब 14 बसें पकड़ी गईं। छह बसों के चालक पुलिस को चकमा देकर भाग गए। आठ बसों के चालकों को पुलिस ने पकड़ लिया।
पुलिस एक बस मालिक को पकड़ कर कोतवाली ले आई। चालकों के पास बस चलाने संबंधी कई कागज आधे अधूरे थे। इन बसों को पुलिस लाइन में खड़ा करा दिया गया। इस कार्रवाई से सत्ताधारी नेताओं की धड़कनें बढ़ गईं। शुक्रवार सुबह सत्ताधारी विधायक एसपी कार्यालय पहुंचे। इनके कहने पर एसपी के निर्देश पर टीएसआई ने एक बस को छोड़ दिया। अन्य बसों को छोड़ने से इनकार कर दिया। इससे 13 बसों को पुलिस ने सीज कर दिया। पुलिस ने पकड़े गए बस मालिक नरकसा निवासी दिलीप कुमार, चालक अखिलेश, मदनलाल, ओमकार, अमर सिंह, राजेश, प्रदीप, कृष्ण कुमार, कौशल को पूछताछ के बाद देर शाम छोड़ दिया।