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Farrukhabad News: राज्य मार्ग पर 12 किमी में 13 पुलिया बदहाल, हादसे का खतरा

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कमालगंज। फतेहगढ़-गुरसहायंज राज्य मार्ग 29-ए पर 12 किलोमीटर में 13 पुलिया बदहाल हैं। इनकी दीवार टूटी है। संकेत के लिए बोर्ड व रिफ्लेक्टर भी नहीं लगे हैं। बारिश में उगी झाड़ियों से ढक जाने से ये पुलिया और खतरनाक हो गई हैं। सड़क के एक ओर रेलवे ट्रैक तो दूसरी ओर गहरी खाई है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है।
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फतेहगढ़ से कमालगंज तक करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर लगभग 13 पुलिया हैं। कुछ पुलिया झाड़ियों में छिपी होने से दिखाई नहीं देतीं। पुलिया के किनारे सुरक्षा के लिए न तो सपोर्टिंग दीवार बनी और न ही कोई इंडीकेटर लगा। इन खतरनाक पुलियों से सतर्क करने के लिए आस-पास संकेतक बोर्ड भी नहीं है। रात के अंधेरे में मुख्य मार्ग से गुजरने वालों के साथ दुर्घटना हो सकती है। दिन में भी यहां हर पल तेजी से वाहन चलाकर ओवरटेक करने वालों के लिए खतरा मंडराता रहता है।
बीते 24 अक्तूबर को महरूपुर राबी के नदीम की मोपेड अनियंत्रित होकर लैनगांव के पास बैरिकेडिंग में भिड़ गई थी। इसके अलावा तीन मई 2025 को आजाद नगर भटपुरा निवासी अफसार का ट्रैक्टर नगला दाऊद के पास रेलवे बैरिकेडिंग में घुस गया था।
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आठ सितंबर 2023 को एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर नगला दाऊद के निकट पुलिया के गड्ढे में पलट गया था। इससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इससे पूर्व इसी स्थान पर एक कार गिर जाने से कई लोगों को चोट आई थी।

केस-1
नगला दाऊद गांव के निकट स्थित मौलाना आजाद इंटर कॉलेज के पास स्थित पुलिया के ऊपर सपोर्टिंग दीवार नहीं है। सड़क की पटरी से उतरते ही सीधा गड्ढा है। यहां सावधानी हटते ही दुर्घटना घटित हो सकती है।
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केस-2
शेखपुर गुमटी नंबर 138-सी के निकट पुलिया भी खतरनाक है। यहां कई बार गोवंश गिर चुके हैं। सामने से आ रहे वाहन से बचने को कई बार बाइक एवं साइकिल सवार नीचे गड्ढे में गिर कर घायल हो चुके हैं।
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केस-3
शेखपुर गांव के आगे पुलिया पर झाड़ियों का पर्दा है। सड़क के किनारे सफेद पटरी से उतरते ही लोग पुलिया पर पहुंच जाते हैं। लेकिन यह अधिकारियों की नजर से दूर है।

केस-4
याकूतगंज के निकट खतरनाक पुलिया है। इसके पास कोई बोर्ड, बैरिकेडिंग या इंडिकेटर नहीं लगा है। पुलिया को झाड़ियों ने घेर लिया। पलक झपकते ही वाहन नीचे खाई में पहुंच सकता है।
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जल्द ही झाड़ियां छंटवा दी जाएंगी। जहां पुलिया की सपोर्टिंग वाल नहीं है वहां फिलहाल बालू भरी बोरियां लगवा दी जाएंगी। बाद में पुलिया दुरुस्त कराई जाएंगी।
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मुरलीधर, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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