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वर्ष 2012 से छूटी ग्राम पंचायतों का होगा विशेष आडिट

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फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों वर्ष 2012 से शत प्रतिशत आडिट नहीं हो पा रहा है। वहीं विकास कार्यों में भी शिकायतें आ रही हैं। अब आडिट कराने के लिए रोस्टर बनाकर विकास खंडों को भेजा गया है। इसके साथ ही अभिलेख उपलब्ध न कराने वाले ग्राम पंचायत अधिकारियों पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं।
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ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों का नियमानुसार प्रत्येक वर्ष लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां द्वारा आडिट होना चाहिए। जबकि वर्ष 2012 से अब तक कई ग्राम पंचायतों का शत प्रतिशत आडिट नहीं हो पा रहा है। वहीं विकास कार्यों में धांधली की शिकायतें आला अधिकारियों के साथ ही मुख्यमंत्री तक भी पहुंच रहीं। इसके चलते जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत का लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा आडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही वर्ष 2012 से आडिट न होने वाली ग्राम पंचायतों की अलग से सूची मांगी गई है। जिससे उनकी प्राथमिकता से विशेष आडिट कराकर शिकायतों का निस्तारण किया जा सके। इसके लिए एडीओ पंचायत को निर्देश दिए गए कि रोस्टर के अनुसार संबंधित ग्राम पंचायत सचिव अभिलेखों पासबुक की प्रमाणित फोटो कापी, कराऐ गए कार्यों का प्रारूप, कैशबुक, कार्यपूर्ति व उपभोग प्रमाणपत्र के साथ उपस्थित होकर आडिट कराएं।

डीपीआरओ अमित त्यागी ने बताया कि 16 से 28 फरवरी तक का ग्राम पंचायत वार रोस्टर बनाकर विकास खंडों को भेज दिया गया है। लेखा परीक्षा सहकारी समितियां द्वारा आडिट किया जाएगा। जिन ग्राम पंचायतों का वर्ष 2012 से आडिट नहीं हुआ, उनके अभिलेख न उपलब्ध कराने पर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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