फर्रुखाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का शुक्रवार से मूल्यांकन शुरू होना था। पहले दिन ही नौ सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार किया। इस दोरान उन्होंने मांगे पूरी न होने तक मूल्यांकन न करने की घोषणा की।
यूपी बोर्ड परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जिले में दो केंद्र बनाए गए हैं। जीआईसी फतेहगढ़ में हाईस्कूल की 2,26,840 व रस्तोगी कालेज में इंटरमीडिएट के मूल्यांकन की एक लाख कापियां भेजी गई हैं। शुक्रवार को पहले दिन माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रभात कुमार यादव, रामनरेश मराल, शेर सिंह कुशवाहा, कैलाश राजपूत आदि के नेतृत्व में शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार किया। शिक्षकों ने वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन तथा पांच अंकों में मानदेय देने, पुुरानी पेंशन बहाल करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, परिषदीय कार्यों का पारिश्रमिक सीबीएसई के बराबर देने समेत नौ मांगे उठाईं। शिक्षकों के बहिष्कार से मूल्यांकन कक्ष सूने पड़े रहे। जिलाध्यक्ष का दावा है कि दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर किसी भी शिक्षक ने कापी नहीं जांची। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन शिक्षक मूल्यांकन केंद्र पर हाजिरी लगाने जाएंगे, लेकिन नौ सूत्रीय मांगें पूरी न होने तक मूल्यांकन बहिष्कार जारी रहेगा।
वहीं, दूसरी ओर जीआईसी फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य एपी सिंह ने बताया कि उनके मूल्यांकन केंद्र पर कुल 946 परीक्षकों में 89 उप प्रधान परीक्षक (डीएचई) हैं। पहले दिन डीएचई को 20-20 आदर्श उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना था। इसके सापेक्ष 38 डीएचई व 357 परीक्षक उपस्थित हुए। कुल 1233 कापियों का मूल्यांकन किया गया। उन्हें शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन के बहिष्कार की कोई जानकारी नहीं है।