आगामी लोकसभा चुनाव में प्रचार प्रसार के लिए अब नेताओं व उनके प्रतिनिधियों को कलक्ट्रेट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए चुनाव आयोग ने ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है। अब घर बैठे एक क्लिक में प्रचार प्रसार व चुनावी सभा की अनुमति ली जा सकेगी। ऑफलाइन आवेदन इस बार मान्य ही नहीं होंगे।
लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों व राजनीतिक दलों को इस बार चुनावी सभा से लेकर प्रचार की अनुमति के लिए कलक्ट्रेट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने प्रचार में चुनावी सभा की अनुमति के लिए ऑनलाइन आवेदन को अनिवार्य कर दिया है।
यह सुविधा आयोग के समाधान पोर्टल पर मिलेगी। किसी भी तरह के ऑफलाइन आवेदन इस बार चुनाव में स्वीकार नहीं होंगे। इसके साथ ही आयोग नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशी से जुड़ी चल अचल संपत्ति से लेकर आपराधिक व शैक्षिक स्तर की जानकारी को भी दाखिल शपथ पत्र के माध्यम से अपने पोर्टल पर ऑनलाइन जारी करेगा।
इससे मतदाता अपने प्रत्याशी से जुड़ी हर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। आयोग लोकसभा चुनाव से जुड़ी सभी तरह की प्रक्रिया को ऑनलाइन संचालित कराया जाएगा। इसके तहत नामांकन प्रक्रिया से लेकर चुनाव प्रचार, आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों से लेकर चुनाव परिणाम तक की जानकारी सभी कुछ आयोग के पोर्टल पर आनलाइन उपलब्ध होगी।
चुनाव आयोग ने सभी तरह की जानकारी के लिए सुविधा पोर्टल एप लांच किया है। इस पर प्रत्याशी को महज 48 घंटे में ही प्रचार प्रसार व जनसभा करने की अनुमति मिल जाएगी। इससे समय की भी काफी बचत होगी।
एडीएम विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव से आनलाइन की सुविधा दी गई है। लेकिन इस बार ऑफलाइन आवेदन चुनाव आयोग स्वीकार नहीं करेगा।
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