अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अयोध्या से चुनाव लड़ने की प्रबल इच्छा थी। यह दावा दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने सोमवार को किया है।
उनका कहना है कि योगी जी अयोध्या से ही चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन संगठन के निर्णय का सम्मान करते हुए वे गोरखपुर गए हैं। सुरेश दास का कहना है कि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि वे कहीं से भी विधायक रहें, अयोध्या के विकास के गति रुकने नहीं पाएगी।
कुछ दिन पूर्व अयोध्या से योगी के चुनाव न लड़ने को लेकर रामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास का भी बयान आया था। तब उन्होंने कहा था कि योगीजी ने अयोध्या से चुनाव न लड़कर अच्छा किया।
अब सीएम योगी के सबसे करीब माने जाने वाले दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास का बयान सामने आया है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि सीएम योगी की अयोध्या से चुनाव लड़ने की प्रबल इच्छा थी, लेकिन संगठन ने उन्हें गोरखपुर से लड़ाने का निर्णय लिया।
चूंकि योगी जी के लिए संगठन सर्वोपरि है इसलिए उन्होंने आलाकमान द्वारा उन्हें गोरखपुर से लड़ाने के निर्णय का सम्मान किया। कहा कि अयोध्या के साधु-संतों की भी इच्छा थी कि योगी जी यहीं से चुनाव लड़े। बोले कि योगी आदित्यनाथ का कहना है कि वे कहीं से भी विधायक रहें अयोध्या के विकास की गति रुकने नहीं पाएगी।