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रामजन्मभूमि परिसर पहुँचने लगी पूजित राम शिलाएं

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अयोध्या। रामघाट स्थित कार्यशाला में संजो कर रखी गयी श्रीराम शिलाओं को अब राम जन्मभूमि परिसर में पहुंचाए जाने का क्रम भी शुरू हो गया है।
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर राम घाट क्षेत्र स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला में पत्थरों की तराशी का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। राजस्थान से आए सात मजदूर पत्थरों की तराशी कर रहे हैं।
जल्दी और कारीगरों को कार्यशाला में लगाए जाने की तैयारी है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के मुताबिक कार्यशाला में कारीगरों के द्वारा कार्य किए जाने के लिए जगह की कमी बनी हुई है।
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इसलिए अब ट्रस्ट कार्यशाला में रखे श्रीराम शिलाओं को लेकर निर्णय लिया है। जिन्हें राम जन्मभूमि परिसर पहुंचाया जा रहा है। जिसे निर्माण स्थल के करीब एक निश्चित स्थान पर रखा जाएगा।
इन शिलाओं का उन स्थान पर उपयोग में लिया जाएगा जहाँ इसकी आवश्यकता होगी। तो वहीं बताया कि यह शिलाएं उस दौरान दी गई थी जब राम मंदिर आंदोलन का प्रारंभ हुआ था।
उन्होंने बताया कि अयोध्या में रखी यह श्रीराम शिलाएं 1989 में आई थी। संतों के आह्वान पर एक श्रीराम शिला और सवा रुपये समाज ने समर्पित किया था। देश के दो लाख 75 हजार गांव से शिला प्राप्त किया।
यह शिला भारत ही नहीं विश्व के लगभग 55 देशों से आई थी। इन शिलाओं पर श्री राम, सिया राम जैसे शब्द लिखे हुए है। इन सिलाओ के माध्यम से अपने भावनाओं का प्रकटीकरण किया था।
भव्य राम मंदिर का निर्माण का मार्ग प्रशस्त्र हो सके। विश्व के 55 देशों में से मुख्य रूप से अमेरिका, सुरीनाम, जर्मनी, वर्मा, थाईलैंड, जापान, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, ब्रिटेन, इंग्लैंड, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य स्थानों से जहां जहां हिन्दू समाज के लोग निवास कर रहे हैं और जिसमें भगवान श्री राम के प्रति आस्था है।
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उन लोगों के द्वारा दी गई यह शिलाएं 1989 में प्रथम शिलान्यास में उपयोग किया गया। इस दौरान लगभग एक लाख शिलाओं पर लगाया गया था। वहीं बाकी एक लाख 75 हजार शिलाएं आज भी रखी हुई है।
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