अयोध्या। पुलिस व अन्य सभी को मिलकर ऐसा माहौल बनाना होगा जिससे महिलाएं घर से निकलते समय अपने आपको सुरक्षित समझे। इसके लिए एनजीओ, सामाजिक संस्थाओं, स्कूल व अभिभावकों को अतिरिक्त सहयोग करना होगा।
ये बात प्रदेश की पुलिस रिक्रूटमेंट व प्रमोशन बोर्ड की एडीजी रेणुका मिश्रा ने कही। वो अवध विश्वविद्यालय में महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित अपराध की घटनाओं को लेकर आयोजित गोष्ठी में उपस्थित छात्राओं व महिलाओं को संबोधित कर रही थीं। आईजी डॉ. संजीव गुप्त व एसएसपी आशीष तिवारी ने एडीजी का स्वागत किया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिला अपराधों को शत-प्रतिशत पंजीकृत करते हुए उस पर प्रभावी कार्रवाई की जाए व प्रत्येक पीड़िताओं का फीडबैक भी लिया जाए।
थाने पर आने वाले पीड़िता की शिकायतों को विनम्रतापूर्वक सुना जाए एवं उनके पूर्व चरित्र के बारे में बात कर कदापि अपमानित न किया जाए। उन्होंने सभी विद्यालयों, चौराहों एवं महिला हॉस्टलों के सामने सीसीटीवी लगवाने का निर्देश देते हुए कहा कि पीड़िताओं का नाम व पहचान गुप्त रखना चाहिए।
एसएसपी आशीष तिवारी ने एडीजी को बताया कि जनपद के सभी स्कूलों, कालेजों के प्रधानाचार्यों के नाम व मोबाइल नंबरों की सूची को मंगाया गया है और सभी थाना प्रभारियों और एंटी रोमियो स्क्वाएड को निर्देशित किया गया है कि की स्कूल, कॉलेजों के खुलने व बंद होने के समय स्कूल के आसपास मौजूद रहे।
कहा कि शहर के अंदर ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है जिस जगह पर महिला संबंधी अपराध ज्यादा घटित हो रहे हैं। उन्होंने एंटी रोमियो स्कवॉयड, महिला व चाइल्ड हेल्प लाइन, 100 नंबर समेत महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
इस दौरान डीआरएम पब्लिक स्कूल की छात्रा रश्मि शुक्ला ने बालिका सुरक्षा पर लिखी पुस्तक एडीजी को भेंट की, एडीजी ने उनकी सराहना की। इस मौके पर अयोध्या मंडल के सभी जिलों के एसपी समेत अयोध्या के एसपी ग्रामीण शैलेंद्र सिंह, सीओ सिटी अरविंद चौरसिया समेत कई विद्यालयों की छात्राएं, स्कूलों के प्रधानाचार्य, आशा ज्योति केंद्र के अधिकारी मौजूद रहे।