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सीएम की नजर से अधूरे काम बचाने की शुरू हुई जुगत

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भजन संध्या स्थल पर जारी निर्माण कार्य। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। दीपोत्सव के कार्यों को तेजी से पूरा करने की जहां एक तरफ होड़ मची हुई है वहीं अब समय कम होने के कारण जो काम अधूरे बच गए हैं उन्हें सीएम की नजर से बचाने की जुगत भी अधिकारी एवं कार्यदाई संस्था के द्वारा की जा रही है।
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करोड़ों खर्च होने के बाद भी राम की पैड़ी, रामकथा पार्क व भजन संध्या स्थल का काम अभी भी अधूरा पड़ा है। राम की पैड़ी में अविरल जल प्रवाह दीपोत्सव तक होना मुश्किल लग रहा है, क्योंकि आगे का चैनल व पुल खोदकर छोड़ दिया गया है। ऐसे में गांधी पार्क से आगे पानी का फ्लो फिलहाल चैनल पूरा होने तक संभव नहीं है।
डेडलाइन खत्म होने के बाद भी पैड़ी अविरल नहीं हो सकी। बुधवार देर शाम राम की पैड़ी में पानी छोड़कर जल प्रवाह की अविरलता जरूर जांची गई, लेकिन जब तक स्कैप चैनल बनकर तैयार नहीं हो जाता तब तक पैड़ी की अवरिलता सुनिश्चित होना संभव नहीं है।
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ऐसे में मुख्यमंत्री की सख्ती के चलते अधिकारी अधूरे काम को बचाने की जुगत में किसी तरह डटे हुए हैं। सरयू नहर खंड के अधिशाषी अभियंता जय सिंह बताते हैं कि 31.32 करोड़ से दो पुल बनने हैं जिनका काम चल रहा है। दीपोत्सव तक आधे से अधिक काम पूरे हो जाएंगे, अविरल जल प्रवाह भी टेस्ट कर लिया गया है। शेष जो सिविल कार्य बचे हैं वह दीपोत्सव के बाद दूसरे चरण में संभव हो सकेेंगे।
भजन संख्या स्थल में अधूरा पड़ा शेड
भजन संध्या स्थल में बुधवार तक शेड लगाने का काम पूरा नहीं हो सका था। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री से लेकर मुख्य सचिव तक ने भजन संध्या स्थल के कार्य को 20 अक्तूबर तक पूरा करने का निर्देश दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री की चेतावनी भी यूपीआरएनएन पर बेअसर साबित हो रही है। बुधवार को भजन संध्या स्थल में शेड निर्माण का कार्य अधूरा नजर आए जबकि दीपोत्सव में अब महज दो दिन का समय शेष है। 20 करोड़ की यह परियोजना लंबे समय से अधूरी पड़ी है। धनुषाकार भजन संध्या स्थल में स्थित हाईटेंशन लाइन भी बड़ी समस्या का सबब है।
राम कथा पार्क में भीड़ बढ़ी तो होगी अव्यवस्था
पिछले वर्ष दीपोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क के विस्तारीकरण का निर्देश दिए थे। इसके लिए सितंबर माह में करीब पौने चार करोड़ रूपए स्वीकृत किए जा चुके हैं। बावजूद इसके रामकथा पार्क का विस्तारीकरण नहीं हो सका। दर्शक दीर्घा बढने के साथ मंच बनाने की योजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इस वर्ष पार्क में बने स्थायी मंच को लकड़ी, पटरा, लोहे के एंगल आदि के सहारे बढ़ाकर 97 फिट कर दिया गया है, जो कि सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। वहीं मंच विस्तारित होने से पार्क की जगह भी सिमट गयी है। ऐसे में रामराज्याभिषेक कार्यक्रम के समय यदि भीड़ बढ़ी तो अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है।
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