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लॉकडाउन में ढील मिली तो राशन-दवा से ज्यादा दारू खरीदने दौड़े

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0-अयोध्या-गुदड़ी बाजार चौराहे के निकट लगी लोगो की लंबी लाइन - फोटो : FAIZABAD
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शहर के पुष्पराज चौराहा स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान खुलते ही शौकीनों की लंबी लाइन लग गई। हाल यह रहा कि लोग कई दिनों की शराब स्टाक करने के फेर में एक नहीं कई बोतलें खरीदते मिले। दुकान पर सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराने के लिए बकायदा बैरिकेंडिंग की गई थी। दुकान पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी लेकिन भीड़ बढ़ने पर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर लोगों को धैर्यपूर्वक खरीदारी करने पर विवश किया गया। यहां मिले एक शौकीन बोले, कोरोना ने कैद कर दिया था, साथ देने के लिए दारू भी था। दूसरे ने कहा, ऐसी कतार होली की याद दिला रही है।
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सिविल लाइन स्थित मॉडल शाप पर लोगों की लंबी लाइन लगी थी। यहां भी सामाजिक दूरी बनाने के लिए उचित इंतजाम किए गए थे। भीड़ देख पुलिस ने एक घंटे में फरमान सुनाया कि प्रत्येक व्यक्ति को केवल एक बोतल ही शराब मिलेगी। हाल यह था शहर के अन्य दुकान पर स्टाक खत्म होने के बाद इस दुकान पर दोपहर बाद भीड़ ज्यादा हो गई। पहले लोग जहां शराब चोरी-छिपे खरीदते थे, वहीं कोरोना संकट की वजह से ऐसे व्यग्र दिखे कि एक से अधिक बोतल के लिए चालक के साथ खुद भी कतार में लग गए। कई जगह बाप-बेटे एक साथ दिखे।
अयोध्या। लॉकडाउन में छूट का असर सोमवार को कई आम जरूरत की दुकानों पर नहीं था, नए सत्र के लिए बच्चों के कॉपी-किताब, पेन, ड्रेस, कपड़े, बनियान-चड्ढी, जूता-मोजा आदि की दुकानों पर ताला जड़ा था, मगर देसी-विदेशी शराब की दुकाने खुलते ही ऐसे भीड़ उमड़ी जैसे होली की खरीद हो। दोपहर तक तमाम दुकानों से दारु से स्टाक खत्म हो गया। जबकि राशन-दवा की खुली दुकानों पर इक्का-दुक्का लोग ही दिखे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए तमाम लोग टैंपो-कार, बाइक से बाजार गए और लौटने पर जब बच्चों के कॉपी-किताबें मांगी तो प्रशासन की कुव्यवस्था से निरुत्तर थे।
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कोरोना कोबिड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लगे लॉकडाउन के 41 वें दिन सोमवार को जिलेभर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जरूरी सामग्री खरीदने के लिए सुबह 10 से शाम 7 बजे तक बाहर निकलने की छूट मिली थी। अयोध्या में कोरोना को लेकर एक भी मरीज नहीं हैं। सनेथू गांव की एक महिला निजी जांच में पॉजिटिव मिली तो अगली रिपोर्ट निगेटिव हो गई। इस घटना को आमलोग निजी लैब की गलती मानते हैं, वैसे प्रशासन से लेकर डॉक्टरों ने भी महिला में न कोई लक्षण होने न ही ट्रेवल हिस्ट्री की पुष्टि की। इसी वजह से लोग खतरे की संभावना शून्य मानकर छूट मिली तो तेजी से निकलने में परहेज नहीं किए।
मगर, कॉपी-किताब, पेन, ड्रेस, कपड़े, बनियान-चड्ढी, जूता-मोजा आदि की दुकानों पर ताला जड़ा देख ज्यादातर लोग लौटने को मजबूर हो गए। जबकि, सुबह 10 बजे जैसे ही शराब की दुकानों के शटर उठे वहां शौकीनों की भारी भीड़ लग गई। दुकानदारों पर पुलिस बल की मौजूदगी में लोगों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराते हुए तय मूल्य पर शराब की बिक्री की गई। हालांकि कुछ दुकानों पर पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण सुबह कुछ देर तक अफरा तफरी का माहौल रहा, यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन होता नहीं दिखा लेकिन, कुछ ही देर में पुलिस ने स्थिति को संभालकर लोगों को कतारबद्ध किया। वहीं, अधिकतर दुकानों पर कुछ ही घंटों में पुराना स्टाक खत्म होने के कारण लोगों को निराश होकर लौटना भी पड़ा, इसके चलते उपलब्ध स्टाक वाली दुकानों पर भीड़ और बढ़ गई।
शहर की अंग्रेजी, देसी शराब व बीयर की कुल 110 दुकानों में से करीब 60 दुकानों पर सुबह 12 बजे तक, 15 दुकानों पर दोपहर दो बजे तक व करीब 15 दुकानों पर शाम सात बजे तक शराब की बिक्री होती रही जबकि शेष 20 दुकानों पर पुराना स्टाक न होने के कारण उसके शटर गिरे ही रहे। यहीं हाल ग्रामीण क्षेत्रों की भी दुकानों का रहा। 40 दिन बाद दुकान खुलने पर बचा स्टाक कुछ ही घंटों में समाप्त हो गया। शहर में रीडगंज, बेनीगंज, अमानीगंज, साहबगंज, नियावां, फतेहगंज समेत अन्य दुकानों पर कुछ ही घंटों में स्टाक समाप्त हो गया। हालांकि लोग कई दिन का स्टाक करने के फेर में लोग कई-कई बोतलें खरीद रहे थे जबकि आदेश के अनुसार एक व्यक्ति सिर्फ एक ही बोतल खरीद सकता है। शहर में एडीएम सिटी वैभव शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट एसपी सिंह, एसपी सिटी विजयपाल सिंह व सीओ सिटी अरविंद चौरसिया दिनभर दुकानों का निरीक्षण करते रहे।
बीते 24 मार्च को लॉकडाउन लगने के चलते शराब की दुकानों पर ज्यादा स्टाक नहीं बचा था। दुकानदार अप्रैल माह में नए वित्तीय सत्र के चलते ज्यादा स्टाक नहीं रखे हुए थे। शहरी क्षेत्र की आबकारी निरीक्षक नीरजा सिंह का कहना है कि आदेश के अनुसार अभी एक सप्ताह तक दुकानदारों को पुराने स्टाक की बिक्री करने की अनुमति दी गई है। दुकानदारों के पास कम स्टाक होने से जल्द ही माल खत्म हो गया। होल सेल के तीन दुकानदारों में से दो ने अपनी दुकानों का रिन्सेबुल करा लिया है, इनके पास करीब तीन दिन का पुराना स्टाक है, शाम से फुटकर विक्रेताओं को स्टाक उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। नया स्टाक आने में अभी तीन से चार दिन लग सकता है।
अयोध्या। आवश्यक वस्तुओं की दुकानों में मेडिकल स्टोर व राशन की दुकानें खुलीं थी, लेकिन भीड़ नदारद थी। इसकी वजह डीएम अनुज कुमार झा की लॉकडाउन के पहले दिन से ही कड़ी मेहनत मानी जा रही है। फोन से राशन व दवा मंगाने की पूरी सूची हर घर में पहुंच गई थी। साथ ही गाड़ियां भेजकर मोहल्लों में सामानों की बिक्री सुनिश्चित कराई गई थी। इसी लिए सब्जी मंडी से लेकर राशन लेने की कोई आपा-धापी नहीं थी। कुछ जगहों पर ऑटो पार्टस, इलेक्ट्रानिक उपकरण, मोबाइल रिचार्ज व पान आदि की दुकानें खोलने का प्रयास किया गया लेकिन स्थानीय पुलिस ने उसे बंद करा दिया।
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