अयोध्या। तेजी गति से चल रही बर्फीली हवा से शुक्रवार को हालत और बिगड़ गई। रात का तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तो ठिठुरन और बढ़ गई। जिला प्रशासन की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर अलाव के इंतजाम न हो पाने से लोग और बेहाल हो गए। मौसम विभाग ने अभी कड़ाके की ठंड की आशंका जताई है।
दो दिन पूर्व तक जिले में मौसम खुशनुमा दिख रहा था। सुबह-शाम शीतलहर के साथ दोपहर में लोग गुनगुनी धूप का आनंद उठा रहे थे। बृहस्पतिवार से मौसम ने अंगड़ाई ली और तेजी से चल रही बर्फीली हवा से एकाएक ठंड में इजाफा हो गया। शुक्रवार को भी करीब पांच किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली पछुआ हवा ने गलन और बढ़ा दिया।
लोग मफलर, जैकेट, दस्ताने आदि से लैस होकर ही घर से निकले, फिर भी ऊनी कपड़े शरीर पर कम ही पड़ रहे थे। थोड़ी दूर चलते ही लोग अलाव खोजते रहे, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर अलाव का इंतजाम न होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं कोरोना के चलते स्कूल बंद होने से छोटे बच्चों को काफी सहूलियत रही। जबकि बड़े बच्चे कांपते हुए स्कूल पहुंचने को विवश हुए। दोपहर तक धूप खिली भी तो गलन के आगे बेअसर साबित हुई।
हालांकि लोग कहीं-कहीं धूप में कुर्सी पर बैठे शॉल और स्वेटर में लिपटे देखे गए, लेकिन इससे लोगों को खास राहत नहीं मिल सका। कड़ाके की ठंड का नतीजा रहा कि लोग जरूरी काम से ही घर से बाहर निकलने का साहस जुटा सके और काम खत्म करके घर पहुंचने की लोगों में उत्सुकता नजर आई।
शुक्रवार को बर्फीली हवा की वजह से तापमान में और गिरावट देखी गई। अधिकतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस लुढ़ककर 18.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.5 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान में जबरदस्त गिरावट देखी गई है। न्यूनतम तापमान बृहस्पतिवार की अपेक्षा 4 डिग्री नीचे खिसककर 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है।
नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि आगामी सप्ताह में आसमान साफ रहने व 21 से 23 दिसंबर तक हल्की बदली छाए रहने की संभावना है। लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है।