अयोध्या। नगर निगम प्रशासन ने रामनगरी को स्मार्ट व गारबेज फ्री शहर बनाने के लिए जल्द ही एक नया प्रयोग करने की तैयारी में है। निजी संस्थानों के साथ सरकारी व गैर सरकारी ऐसे संस्थान जहां प्रतिदिन 100 किलो या उससे अधिक कूड़ा रोजाना निकलता हो, वहां कूड़ा निस्तारण संयंत्र लगाना अनिवार्य होगा।
ऐसे संस्थानों का नगर निगम प्रशासन ने सर्वे शुरू किया है, सभी सरकारी गैर-सरकारी संस्थानों की निगरानी की जा रही है। यहां के कूड़ेदानों से उठने वाले कूड़ों व डोर-टू-डोर क्लेक्शन में एकत्र हो रहे कूड़ों की मात्रा का आकलन किया जा रहा है। सर्वे कार्य पूरा होने के बाद योजना को नगर निगम बोर्ड की बैठक से पास कराकर अमल में लाया जाएगा।
अयोध्या नगर निगम को पर्यटन की दृष्टि से स्मार्ट व गारबेज फ्री बनाने की कवायद चल रही है। अयोध्या नगर निगम में प्रतिदिन 180 एमटी कूड़ा प्रतिदिन निकलता है। इसमें 70 एमटी से अधिक कूड़ा सरकारी व गैर सरकारी संस्थान से निकलता है। इसमें शहर के विभिन्न स्कूल, हॉस्पिटल, होटल, शॉपिंग कॉम्पलेस, सरकारी कार्यालय व छोटे कारखाने समेत अन्य संस्थान शामिल हैं।
इनकी संख्या संख्या 80 के आसपास है। नगर निगम प्रशासन मुख्य सचिव के एक आदेश के क्रम में इन संस्थानों को चिह्नित करने जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है। इसमें अधिक कूड़ा करने वाले संस्थानों के डोर-टू-डोर कलेक्शन व पास में रखे कूड़ेदानों को निगरानी कर रहा है। नगर निगम की सर्वे टीम ने अब तक 50 से अधिक सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों को चिह्नित भी कर लिया है।
इसमें अधिकांश होटल, स्कूल, हॉस्पिटल, सरकारी कार्यालय व गैर सरकारी कार्यालय हैं। सर्वे कार्य पूर्ण होने के बाद नगर निगम प्रस्ताव बनाकर नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्तुत करेगा। बोर्ड में पास होने के बाद सभी 100 किलो से अधिक कूड़ा एकत्रित करने वाले संस्थानों को अपने परिसर में कूड़ा संयंत्र प्लांट लगाना होगा। साथ ही इसकी कम्पोस्टिंग की जिम्मेदारी संस्थान को खुद ही उठानी पड़ेगी।
नगर निगम प्रशासन भले ही मुख्य सचिव के आदेश को पालन करने की तैयारी में है लेकिन अभी तक नगर निगम प्रशासन अपना खुद का वेस्टेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगा सका है। एक दशक से इसके लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। अभी हाल ही में नगर निगम प्रशासन ने सोहवल तहसील के दो इलाकों में तीन भूमि चिह्नित की है। अभी इसको खरीदे जाने की प्रक्रिया चल रही है।
हालत यह है कूड़ा शहर के बाहर इधर-उधर फेंका जा रहा है। इससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, साथ ही एनजीटी के नियमों की अवहेलना हो रही है। अयोध्या नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की मेहनत अब प्रदेश के सभी नगर निगमों के लिए नजीर बन गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नगर निगमों को अयोध्या के विकास प्लान को मानक मानकर अपना-अपना प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं।
शासन के उपसचिव अरुणेश द्विवेदी ने गोरखपुर, वाराणसी, झांसी, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज , मेरठ, चित्रकूट, सहारनपुर, आगरा, मथुरा, नोएडा, बरेली व मुुरादाबाद नगर निगम को इस आशय का पत्र जारी किया है। बता दें अयोध्या नगर निगम ने अब तक अयोध्या नगर निगम के विकास के लिए इंटीग्रेटर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, सेफ सिटी, ग्रीन बेस सिटी, ऐनीमल केयर एंड कंट्रोल यूनिट, गारबेज फ्री नगर निगम, सफाई मैनेजमेंट प्लान सहित शहर के सुंदरीकरण के अन्य कार्यों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है।
इसका प्रजेंटेशन मुख्यमंत्री के सामने हुआ है। इसी प्लान को प्रदेेश के अन्य नगर निगमों के लिए मानक मान लिया गया है। नगर आयुक्त विशाल सिंह ने बताया है कि यह अयोध्या नगर निगम के कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए बड़ी उपलब्धि है।
मुख्य सचिव के आदेश के क्रम में 100 किलो या उससे से अधिक कूड़ा निकलवाने वाले निजी समेत सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों को चिह्नित कर कूड़ा संयंत्र प्लांट लगाने के लिए आदेशित किया जाएगा। इसका सर्वे चल रहा है, नगर निगम बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास कराकर योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा।- विशाल सिंह, नगर आयुक्त अयोध्या नगर निगम