अदालत ने जलकल कर्मी को सात साल के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना और दूसरे को दस साल का कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत ने जुर्माने की राशि में से 35 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर स्वरूप दिए जाने का आदेश दिया है। यह आदेश अपर जिला जज चतुर्थ जगदीश कुमार की अदालत से हुआ। मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है।
फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता सईद खान व एडीजीसी लव सिंह ने बताया कि 17 नवंबर 2013 की शाम जलकल विभाग में तैनात कर्मी अतुल निषाद ने शहर के एक इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में पढ़ने वाली छात्रा को बड़ी बुआ की दरगाह पर बुलाया।
वहां से उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर मनकापुर ले गया। वहां उसके साथ तीन दिन तक दुराचार किया। इसके बाद छात्रा को अपने मित्र गोंडा निवासी सुनील कुमार के पास छोड़ दिया। आरोप है कि उसने भी छात्रा के साथ चार दिन तक दुराचार किया।
24 नवंबर को सुनील छात्रा को लेकर बस स्टॉप फैजाबाद आया। जहां से पुलिस ने सुनील को गिरफ्तार कर लिया। सुनवाई के बाद अदालत ने दोषी पाते हुए अतुल को अपहरण में सात वर्ष व 15 हजार रुपये जुर्माना और पाक्सो एक्ट में तीन वर्ष व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी।
जबकि उसके साथी सुनील को पाक्सो एक्ट के तहत दस वर्ष के कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।