त्योहारों पर नगरपालिका अपने नागरिकों को पेयजल नहीं दे पा रही है। पालिका प्रशासन इसके पीछे नलकूपों को पर्याप्त वोल्टेज न मिल पाना बता रहा है। उसका कहना है कि इसके चलते मोटर नहीं चल पा रहे हैं।
जबकि पालिका ने शहर के 35 नलकूपों में से अहम इलाकों में स्थित नौ पर पहले जनरेटर की व्यवस्था की थी, जो अब घटकर दो पर ही रह गई है।
नगर में सुबह-शाम पानी की आपूर्ति न हो से नागरिकों में हाहाकार है। लक्ष्मणपुरी, अवधपुरी, चौक, रिकाबगंज, बेनीगंज सहित शहर के विभिन्न मोहल्लों व कालोनियों में पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मची है। कई-कई दिनों तक लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच रहा है।
लोग सरकारी-निजी हैंडपंपों से हलक तर कर रहे हैं। नगर क्षेत्र में पालिका के 35 नलकूपों में से महज दो पर जेनरेटर की सुविधा है। इनमें से एक नगर पालिका के नलकूप पर तो दूसरा कभी इस तो कभी उस नलकूप पर भेजकर नलकूपों को चलाया जाता है।
शुक्रवार से शुरू बकरीद पर्व पर पालिका ने सुबह चार बजे से रात दस बजे तक निर्बाध पानी देने का वायदा किया है, लेकिन ऐसा हो सकेगा, किसी को उम्मीद नहीं है। जलापूर्ति की किल्लत त्योहारों पर लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। हालांकि पिछले महीने से लो वोल्टेज की समस्या को लेकर नगरपालिका और पावर कॉर्पोरेशन आमने-सामने हैं, इसे लेकर कई पत्र पालिकाध्यक्ष ने लिखे हैं।
फिर भी समस्या दूर नहीं कर पा रही है। अगस्त में झूलेलाल तो सितंबर में ही पड़े श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर वायदे के बावजूद पालिका नागरिकों को पानी नहीं दे सकी थी। इसके लिए उसने इन त्योहारों पर टैंकरों से पानी पहुंचाया था। नगर पालिका चेयरमैन विजय कुमार गुप्त पावर कॉर्पोरेशन को कई बार पत्र भेजे जाने का दावा कर रहे हैं।