अयोध्या। 13 किलोमीटर लंबे रामपथ का निर्माण कर रही आरएनसी कंपनी की लापरवाही का खामियाजा जिले के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। तीन दिन में कुल 57 जगह पेयजल लाइनें टूटने और लीकेज होने से 13 ट्यूबवेल और पांच पानी की टंकियों की आपूर्ति बुधवार दोपहर दो बजे से फिर बंद हो गई। इससे अवधपुरी जोन के 60 हजार लोगों की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई।
इस समस्या को ‘अमर उजाला ’ दो दिन से प्रमुखता से उठा रहा है। इसका संज्ञान लेते हुए बुधवार को जिलाधिकारी नितीश कुमार और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने निर्माण करा रही कंपनी के ठेकेदार को मरम्मत के काम में लापरवाही बरते जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद हरकत में आए कर्मचारियों ने टूटी लाइनों की मरम्मत का काम शुरू किया। देर शाम खबर लिखे जाने तक दो स्थानों पर लाइन ठीक कर दी गई थी, जबकि गुलाबबाड़ी तिराहे पर मरम्मत का काम जारी था। वहीं बुधवार को किसी नई जगह लाइन नहीं टूटी। अधिकारियों का दावा है कि लाइनों की मरम्मत का काम चल रहा है, जिसके बुधवार सुबह चार बजे तक पूरा होने की संभावना है। उसके बाद ही जलापूर्ति सुचारू हो पाएगी।
सहादतगंज से लेकर नयाघाट तक सोमवार और मंगलवार को 57 जगह पेयजल लाइनें टूटी हुई थी। इससे पूरे अयोध्या क्षेत्र, सिविल लाइंस, सहादतगंज, रिकाबगंज, गुदड़ीबाजार, अवधुपरी जोन, कर्पूरी ठाकुर, चौधरी चरण सिंह, झलकारी बाई, सरदार पटेल नगर, पं. दीन दयाल नगर, बड़ी देवकाली, अश्वनीपुरम, कबीरनगर, आचार्य नरेंद्र देव नगर, राम मनोहर लोहिया, अमानीगंज और महात्मागांधी वार्ड की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई।
हालांकि जलकल विभाग के अधिकारियों का दावा है कि बड़ी संख्या में पेयजल लाइन टूटने के बाद भी भीषण गर्मी व उमस को देखते हुए पूरे रामपथ क्षेत्र की आपूर्ति बंद नहीं की गई है। जिससे लोगों को जरूरत भर का पानी मिलता रहे। हालांकि लाइन में लीकेज होने के कारण हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। जलकल विभाग की अवर अभियंता अनु जायसवाल ने बुधवार को बताया कि दो जगह लाइन की मरम्मत हो गई है, लेकनि 55 जगह लाइन टूटी होने या लीकेज होने के कारण 13 नलकूप और पांच पानी की टंकियों की आपूर्ति दोपहर दो बजे से बंद की गई है। जो बृहस्पतिवार सुबह चार बजे चालू होने की संभावना है।
वर्जन
निर्माण का काम कर रही कंपनी के अधिकारियों को टूटी पेयजल लाइनों की शीघ्र मरम्मत कराने और काम में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ समन्वय कमेटी को भी लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
- नितीश कुमार, जिलाधिकारी
वर्जन
कंपनी के ठेकेदार को पेयजल लाइन की मरम्मत तेजी के करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और खोदाई करते समय लाइन बचाने के हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं। काम में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
-ध्रुव अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग