अलबत्ता दूसरे गांवों में रहने वाले लोगों के साथ ही बाराबंकी से हरदोई तक के मतदाताओं के शामिल किए जाने का आरोप है। सूची में 18 साल से कम बच्चों के साथ ही मृतकों के नाम भी शामिल कर दिए गए हैं।
इसकी शिकायत तहसील दिवस से प्रशासनिक अफसरों से की जा रही है। सदर तहसील की खोजनपुर और सोहावल विकासखंड की पिलखावां गांव इसके उदाहरण हैं।
खोजनपुर गांव के पूर्व प्रधान शंकरजीत यादव ने तहसीलदार को दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि सैकड़ों की संख्या में मतदाताओं का नाम 2015 की मतदाता सूची में शामिल ही नहीं किया गया है।
सबसे दिलचस्प स्थिति तो सोहावल विकासखंड के पिलखावां गांव की है। यहां के रहने वाले राम किशोर वर्मा और संजय कुमार वर्मा सहित अन्य की तहसील दिवस में की गई शिकायतों के आरोप से तो सूची के साथ खिलवाड़ जैसी स्थिति दिखाई पड़ती है।
आरोप है कि हरदोई जिले में रहने वाले राजेश पुत्र चंद्र पाल, माला सहित कई अन्य का नाम इसमें शामिल किए गए हैं। इसके अलावा बाराबंकी जिले के रहने वाले कुछ लोगों का नाम यहां की सूची में शामिल किए जाने का आरोप है।
गांव की मतदाता सूची में इसी विकासखंड के दिनकरपुर और बैदरापुर, रुदौली के रहीमगंज के रहने वाले लोगों के नाम भी सूची में शामिल किया गया। कहा गया है कि गांव की सूची में कई मृतकों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं।
तो विभांस, संध्या, सहित दर्जन भर बच्चों के नाम भी इस सूची में शामिल हैं। जिनकी उम्र 18 साल से कम है लेकिन वार्ड संख्या सात सहित कई में सौ से ज्यादा ऐसे लोगों का नाम शामिल नहीं किया गया जो यहां के निवासी नहीं है।
एसडीएम सोहावल हरिलाल शुक्ल का कहना है कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह कई अन्य गांवों में भी मतदाता सूची को लेकर गड़बड़ी सामने आ रही है।