सपा जिलाध्यक्ष जयशंकर पांडेय ने शनिवार को इस मामले में सफाई पेश की। कहा कि विधायक व सूर्यकांत पांडेय का इससे लेना देना नहीं है। इसके पीछे भाजपा की साजिश है।
कहा, पार्टी कार्यालय का इतना बड़ा परिसर है कि वाहन खड़ा करने के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है। उस दिन वन महोत्सव में शामिल होने के लिए पवन पांडेय बाहर थे।
वह सायं 06:30 बजे अफ्तार कराने कार्यालय पहुंचे थे। पुरातत्व विभाग के डीके जायसवाल ने प्रमोशन के लिए भाजपा के इशारे पर ऐसा कदम उठाया है।
सूर्यकांत ने कहा कि जब की घटना कही जा रही है, उस समय जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। पुरातत्व विभाग का अधिकारी कब पीटा गया? उन्हें नहीं मालूम।