वैभव हत्याकांड में पुलिस ने मामले को दुर्घटना में हुई मौत मानते हुए क्लोजर रिपोर्ट भेज दी, तो कोर्ट ने जेल में बंद दो आरोपियों को रिहा करने का आदेश देते हुए जेल भेजने वाले विवेचक बीके यादव के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया है।
एसएसपी को कृत कार्रवाई से एक सप्ताह के अंदर कोर्ट को अवगत कराने का आदेश भी दिया है। मामले में नोटिस भेजते हुए 3 फरवरी की तिथि सुनवाई के लिए नियत की गई है। यह आदेश सीजेएम राजेश पाराशर की कोर्ट से सोमवार को हुआ।
मामला कोतवाली नगर से जुड़ा है। गांधीनगर मोहल्ले को रहनोवाले वैभव का 4 नवंबर को जन्मदिन था। उसके मित्र तिलकनगर जनौरा निवासी देेवेन्द्रमणि त्रिपाठी व धनंजय प्रताप सिंह उसे पार्टी के बहाने बुलाकर ले गए। बाद में रात 12 बजे वैभव के बाबा के मोबाइल पर फोन आया कि उसका एक्सीडेंट हो गया।
खबर पर परिवारीजन अस्पताल पहुंचे तो वैभव की मौत हो गई थी। इसकी रिपोर्ट मृतक के चाचा रामानंद पांडेय ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में लिखाई थी। मामले के पूर्व विवेचक बीके यादव ने दोनों को बीते 6 नवंबर को गिरफ्तार करके जेल भेजा था।
विवेचना के बाद संतोष गौड़ ने मामले को एक्सीडेंटल बताते हुए क्लोजर रिपोर्ट भेज दी। इस पर कोर्ट दोनों को रिहा करने का आदेश दिया लेकिन पूर्व विवेचक के खिलाफ विभागीय जांच के लिए एसएसपी को आदेश दिया है।