शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान सोमवार को फिर सख्ती से आगे बढ़ा। इसकी जद में रोडवेज से रिकाबगंज तक कई गरीबों के डेरे समेत सौ से अधिक गुमटी, फलों की दुकानें-टिन शेड में चल रहे होटल आदि आए हैं। जेसीबी से लैस जिला प्रशासन, नगरपालिका परिषद और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान किसी की न सुनी। सैकड़ों दुकानदार अपनी रोजी-रोटी छिनने का रोना रोते दिखे।
चौक से शुरू हुआ अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान अब पूरे शबाब पर है। सोमवार को इसकी जद में सबसे पॉश इलाका सिविल लाइंस रहा। इसी क्षेत्र में डीएम-एसएसपी समेत सभी अफसरों के दफ्तर, आवास समेत नगरपालिका परिषद, रोडवेज और पुलिस लाइंस भी है।
मगर इनके कार्यालय-आवासों के पास तमाम अवैध दुकानें काफी समय सजी हुईं थीं। एडीएम सिटी विनोद कुमार के नेतृत्व में नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी रविशंकर शुक्ल और सीओ सिटी-कोतवाली प्रभारी भारी फोर्स लेकर जेसीबी के साथ दोपहर में प्रेसक्लब से अभियान का श्रीगणेश किया।
इस दौरान गुमटी-मंडई व टिन शेड डालकर बाटी-चोखा आदि बनाने वाले कई होटलों समेत सड़क किनारे बरसाती का ढेरा बनाकर बसे आधा दर्जन गरीबों के डेरे भी साफ करा दिए गए। पानी की मशीनें लगाकर बिक्री करने वाले भाग खड़े हुए तो उनकी मशीनें जेसीबी से उठवा ली गईं।
रोडवेज पर ठेले, गुमटी व टिन डालकर फल बेचने वाले भाग खड़े हुए। चाय-पान की कई दुकानें ध्वस्त करा दी गईं। रोडवेज के पास एलाट पक्की दुकानों के बाहर निकले टिनशेड भी ढहा दिए गए। शाम तक अभियान रिकाबगंज तक चला और अवैध दुकानों पर जेसीबी चली।
इस दौरान कई दुकानदार अफसरों के सामने गिड़गिड़ाते नजर आए। उनका कहना था कि कैसे रोजी-रोटी चलेगी, बच्चों का लालन-पालन कैसे होगा। नगरपालिका के ईओ रविशंकर शुक्ला ने बताया कि रोडवेज तक कुल 60 से अधिक अवैध कब्जे हटाए गए।
रिकाबंगज तक यह संख्या दूनी होगी। अवैध रूप से रखी गई गुमटी, चाय-नाश्ता की भट्ठी, फलों की दुकानें समेत स्थाई दुकानों के बाहर निकाले गए टिनशेड पर कार्रवाई की गई है। चेतावनी दी गई है कि दोबारा अवैध दुकानें आबाद हुईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।