केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि मैं अयोध्या राम की सेवा करने आया हूं। इसमें कोई राजनीति खोजनी है तो खोजे, मैं तो राम को खोजने आया हूं। भगवान राम की सेवा का मौका सबको नहीं मिलता।
बहुत सारे लोगों को राम सेवा का मौका पिछले 60 सालों में मिला लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। वे मंगलवार को श्रीमणिरामदास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेने के बाद मीडिया कर्मियों से मुखातिब थे।
महेश शर्मा कहा कि मोदी सरकार ने एक साल पूर्व ही 224 करोड़ रुपये के रामायण सर्किट के साथ, बुद्धा, कृष्णा सहित 11 सर्किट घोषित किए थे। चार माह पूर्व बजट भी दे दिया और केंद्रीय सचिव व प्रदेश सरकार के अफसर योजना को लेकर दौरा भी कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राम, रामायण और राम की मर्यादाओं को विश्व के कोने-कोने तक ले जाने के लिए रामायण म्यूजियम का निर्माण करा रही है। इस विश्व स्तरीय म्यूजियम में आधुनिक लेजर तकनीक से 20 मिनट के अंदर पूरी रामायण का चित्रण होगा।
महेश शर्मा ने कहा कि हम राजनीति से इसको नहीं जोड़ रहे हैं, जो लोग जोड़ रहे हैं उससे हमें कुछ लेना-देना नहीं है। विपक्षी दलों से चुनाव पूर्व अयोध्या पर राजनीति पर चुटकी लेते हुए कहा कि ‘जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी’।
कहा कि जो लोग राजनीति कर रहे हैं उन्हें करने दीजिए हमें तो राम सेवा करनी है। प्रदेश सरकार से अयोध्या में थीम पार्क की घोषणा पर कहा कि भगवान राम का काम कोई अगर वह भावना के साथ करना चाहे तो उसका स्वागत है।
प्रदेश सरकार से सवाल खड़े किए जाने पर कहा कि यह अखिलेश से ही पूछें। उनकी सरकार के अब दो माह बचे हैं। हमें तो अपना इम्तिहान 2019 में देना है। शर्मा ने कहा कि दिसंबर में अयोध्या में अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन भी है, जिसमें कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।