कजियाना मे जमीदोज नाले की सफाई करती जेसीबी।
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नासूर बनी जलनिकासी की समस्या से रामनगरी को निजात दिलाने के लिए नगर पालिका ने कमर कस ली है। ईओ ने नगरी के दशकों से जमींदोज नालों को ढूंढने और उनकी साफ-सफाई करने की मुहिम छेड़ दी है। आधे दर्जन से अधिक नालों को चिह्नित कर उनका सफाई अभियान युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
नगर में अतिक्रमण व साफ-सफाई के अभाव में कई दशकों से जलनिकासी के लिए बने दर्जनों नाले जमींदोज हो चुके हैं। सामान्य सी बरसात में मुख्य मार्ग से गली-कूचों में घुटनेे भर पानी भरना आम बात है। पालिका प्रशासन अब इन नालों की सुध ली है।
नालों को पुनर्जीवन देने की कोशिश में जुटीं नगर पालिका की अधिशाषी अधिकारी पूजा त्रिपाठी बताती हैं कि नगर में जलनिकासी की समस्या वर्षों से नालों की सफाई न होने के कारण बनी हुई है। इन नालों को चिह्नित कर इनकी साफ-सफाई का अभियान शुरू किया गया है।
नाला गैंग के 30 कर्मचारियों की चार टीमें गठित कर सफाई शुरू कराई गई है। बताया कि सरयू तट पर स्नान घाट के किनारे-किनारे एक बड़ा नाला छह से सात फिट का पूरी तरह पट चुका था।
इसी के साथ मणिराम दास छावनी, मणिपर्वत, कजियाना में युसुफ आरा मशीन के सामने धर्मकांटा, कुष्ठ आश्रम से संत तुलसी दास घाट, सामुदायिक केंद्र से रेलवे स्टेशन रोड, हनुमान गुफा, रेलवे क्रासिंग से विद्याकुंड, सब्जीमंडी आदि नालों को चिह्नित कर युद्ध स्तर पर सफाई कराई जा रही है।