इसके लिए पीएचसी/सीएचसी के मेडिकल अफसर को लगाया जा रहा है। सेंटर के संचालन में और डॉक्टरों के लिए सीएमओ ने अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को पत्र लिखा है।
जनहित याचिका पर न्यायालय ने ट्रॉमा सेंटर को शुरू करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने इस बारे में अगस्त माह के प्रथम पखवारे में विस्तृत ब्यौरा मांगा है।
न्यायालय के सख्त रुख के बाद स्वास्थ्य महानिदेशालय ने मुख्य चिकित्साधिकारी को फौरी तौर पर ट्रॉमा सेंटर को शुरू करने का निर्देश दिया है। हालांकि आननफानन ट्रॉमा सेंटर को उधारी के चिकित्सकों से शुरू किया जा रहा है।
लेकिन इस केंद्र पर शासन से न तो चिकित्सकों का पद सृजित किया गया है और न ही शासन से किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती की गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपने स्तर से मया बाजार में तैनात डॉ. राजेश कुमार दुबे को ट्रॉमा सेंटर में संबद्ध किया है। हालांकि अभी तक डॉ. दुबे जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
इसके अलावा सोहावल के मेडिकल अफसर डॉ. सैय्यद सैफुल्लाह, मया बाजार के डॉ. अंशुमान गुप्त, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव के डॉ. इंद्रभूषण जायसवाल, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. वेद प्रकाश को ट्रॉमा सेंटर में लगाया गया है।
इसके अलावा जिला अस्पताल में बतौर ईएमओ कार्य कर रहे डॉ. एके सिन्हा और आर्थो सर्जन डॉ. हरवंश को दो-दो दिनों के लिए तैनात किया गया है।
बेहोशी चिकित्सक के लिए सीएचसी सोहावल के अधीक्षक डॉ. एके शुक्ल को भी ट्रॉमा सेंटर में कार्य के लिए स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा सीएमओ स्तर से एक स्टाफ नर्स, एक नेत्र सहायक और एक एएनएम को तैनात किया गया है।