देहरादून से हावड़ा जा रही दून एक्सप्रेस पर मंगलवार दोपहर फैजाबाद जंक्शन का आउटर सिग्नल गिरने से पांच कोच पटरी से उतर गए। गनीमत रही कि ट्रेन की गति बेहद धीमी थी लिहाजा बड़ा हादसा टल गया। सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।
हादसे के सवा घंटे बाद क्षतिग्रस्त कोचों को अलग कर अपराह्न 3:25 बजे ट्रेन हावड़ा के लिए रवाना की गई। दुर्घटना की जांच के लिए देर शाम डीआरएम मौके पर पहुंचे गए। डाउन 13010 दून एक्सप्रेस दो घंटे की देरी से दोपहर करीब दो बजे फैजाबाद पहुंची।
जैसे ही ट्रेन यहां से रवाना की गई कि 2:05 बजे पूर्वी केबिन के पास का आउटर सिग्नल अचानक एक बोगी पर गिर गया। इससे तेज आवाज के साथ पांच कोच पटरी से उतर गए। झटके से कुछ यात्री सीटों से गिरे जरूर, लेकिन किसी को चोट नहीं आई।
पांच मिनट बाद हूटर बजा तो सभी जीजीआईसी केबिन की ओर दौड़ पड़े। सबसे पहले स्लीपर कोच एस-3 का पहिया पटरी से उतरा। इसके बाद पीछे के एस-2, एस-1, जनरल कोच और एसएलआर कोच भी उसी स्थान से डिरेल होकर आगे बढ़ते गए।
पटरी से उतरे कोचों के साथ दूसरे सभी कोचों को इंजन डेढ़ सौ मीटर दूर तक घसीट ले गया। एस-2 के सभी पहिये टूटकर अलग हो गए। दूसरे कोचों के पहिये उतरने के साथ आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। आउटर सिग्नल कोच की टक्कर से टूटा तो एस-2 का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे में सीमेंट के करीब 50 स्लीपर कट गए व दक्षिणी ट्रैक के किनारे गहरी नाली बन गई। संयोग था कि टूटे सिग्नल ने कोचों को पलटने से रोक दिया और बड़ा हादसा टल गया। घटना के करीब सवा घंटे बाद क्षतिग्रस्त कोचों को वहीं छोड़ ट्रेन 3:25 बजे हावड़ा के लिए रवाना कर दी गई।
दुर्घटना का प्रथम दृष्टया कारण पॉइंट और लॉक की खराबी माना जा रहा है। सायं 4:40 बजे उत्तर रेलवे के डीआरएम एके लाहोटी मौके पर पहुंच गए थे। जीआरपी के थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह का कहना है कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ है।