सिविल लाइन चौराहे से पुलिस लाइंस चौराहे तक ट्रैक तो बनवा दिया गया, लेकिन आधा-अधूरा। मुख्य सचिव के दौरे से ठीक पहले बने ट्रैक पर जगह-जगह अवरोध, जलभराव व बिजली के पोल खड़े हैं।
जिससे साइकिल सवारों का आवागमन सुचारु नहीं हो पा रहा। यही नहीं पुलिस लाइंस एटीएम के पास ट्रैक अधूरा छोड़ दिया गया। हालांकि आगे ट्रैक बनाने की बात कही जा रही, पर थोड़ा दूर ही।
साइकिल सवारों को अलग से एक रास्ता प्रदान करने के लिए शहर में सिविल लाइन चौराहे (रिकाबगंज हनुमानगढ़ी) से पुष्पराज चौराहा होते हुए पुलिस लाइंस तक साइकिल ट्रैक बनवाया गया है।
यह ट्रैक अभी हाल ही में रातोंरात तैयार कराया गया। मुख्य सचिव आलोक रंजन का 25 जून को दौरा होने से लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड-एक ने साइकिल ट्रैक को आनन-फानन लकदक करा दिया।
मुख्य सचिव के निरीक्षण में साइकिल ट्रैक को ओके भी कर दिया गया, पर अफसरों ने यह नहीं सोचा कि साइकिल सवार आधे-अधूरे व जगह-जगह अवरोध वाले ट्रैक पर कैसे चलेंगे? दरअसल, नवनिर्मित साइकिल ट्रैक पर जगह-जगह जलभराव है।
कई जगह पेड़ व बिजली के पोल खड़े हैं। यही नहीं पुलिस लाइंस एटीएम के आगे ओवरब्रिज के पास ट्रैक अधूरा भी है। फतेहगंज चौराहे को जाने वाले रास्ते पर न केवल रास्ता संकरा है, बल्कि मुख्य मार्ग पर नाली का पानी भी पसरा है। ऐसी स्थिति में साइकिल सवार आगे कैसे जाएंगे? इसके बारे में नहीं सोचा गया।