बताया जा रहा कि विद्युत लाइन के रास्ते में कई पेड़ आ रहे। अवर अभियंता ने पेड़ कटवाने के बजाय गांव की आपूर्ति ही बंद करा दी। बरसात के दिनों में लाइट न आने से ग्रामीण काफी परेशानी में हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि आपूर्ति सुचारु करने को सुविधा शुल्क मांगा जा रहा। विद्युत उपकेंद्र अमानीगंज से करीब चार दर्जन गांवों को बिजली की आपूर्ति होने से आए दिन कोई न कोई समस्या होती रहती है।
कभी संविदा पर तैनात कर्मी शट डाउन लेकर आपूर्ति कटवा देते हैं, तो कभी कहीं का ट्रांसफार्मर या पोल खराब हो जाता है। अभी हाल ही में उपकेंद्र का पूरा फीडर जल गया था।
जैसे-तैसे मुख्य सचिव के दौरे से ठीक पहले विद्युत आपूर्ति सुचारु हुई तो संबद्ध गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली थी। मगर इसी बीच उपकेंद्र से सटे गंगा शुक्ल का पुरवा गांव की आपूर्ति काट दी गई।
इससे गांव की लगभग 3000 आबादी को विद्युत आपूर्ति नहीं हो पा रही। बताया जा रहा कि लाइन के रास्ते में कई जगह पेड़ों का अवरोध है। विभाग ने पेड़ों या उसकी डाल कटवाने के बजाय आपूर्ति ही बंद करा दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि आपूर्ति जोड़ने के लिए सुविधा शुल्क मांगा जा रहा। गांव निवासी भाजपा नेता दीपक शुक्ल ने बताया कि उन्होंने ग्रामीणों की समस्या के लिए अवर अभियंता आनंद प्रकाश से बात की तो उनकी ओर से धन की मांग की गई और लाइन के रास्ते में पेड़ों का अवरोध बताया। जबकि पेड़ हटवाए जा सकते हैं।
वहीं पावर कॉर्पोरेशन के जेई आनंद प्रकाश का कहना है कि गांव की लाइन ठीक करायी जा रही है। काम चल रहा है, पेड़ कटवाए जाएंगे। उम्मीद है कि एक-दो दिन में आपूर्ति सुचारु करा दी जाएगी।