यह पहला मौका है जब जनकपुर नेपाल में आयोजित श्रीसीताराम विवाहोत्सव में अयोध्या से वर पक्ष के रूप में संत-धर्माचार्य व विहिप पदाधिकारी शामिल नहीं होंगे। ऐसी स्थिति नेपाल के बिगड़े हालात व इंडो-नेपाल सीमा पर तनाव के कारण है।
विहिप व संतों ने नेपाल के हालात के मद्देनजर विवाह महोत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। बता दें कि विहिप धर्मयात्रा महासंघ के बैनर तले अयोध्या से जनकपुर तक श्रीरामबारात यात्रा निकालती रही है।
प्रत्येक पांच वर्ष पर अयोध्या से संत-धर्माचार्यों के नेतृत्व में निकलने वाली बारात में विहिप पदाधिकारी व संत वरपक्ष से बारातियों के रूप में जनकपुर (नेपाल) में आयोजित श्रीसीताराम महोत्सव में शामिल होते थे।
पिछले वर्ष 17 नवंबर को श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास व विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंघल की उपस्थिति में गाजे-बाजे के साथ भव्य श्रीरामविवाह बारात यात्रा कारसेवक पुरम से निकलकर आजमगढ़, बक्सर, पटना होते हुए 24 नवंबर को जनकपुर नेपाल पहुंची थी। 30 नवंबर को बारात अयोध्या लौटी थी।
विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा बताते हैं कि इस वर्ष नेपाल में महीनों से अराजक हालात और हो रही घटनाओं के कारण इंडो-नेपाल बॉर्डर पर तनाव के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से संत-धर्माचार्यों व विहिप पदाधिकारियों ने जनकपुर में विवाहोत्सव में शामिल होने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है।