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चप्पे-चप्पे की होगी खबर, बंदूकधारी नहीं आएंगे नजर

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अयोध्या-रामजन्मभूमि कार्यशाला में आयोजित रामजन्म भूमि स्थाई सुरक्षा समिति की बैठक में मौजूद एड? - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। सीआईएसएफ ने राममंदिर के लिए अभेद्य सुरक्षा का प्लान तैयार किया है। इसके अनुसार मंदिर के लिए सुरक्षा बलों के साथ ही आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जाएगा।
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मंदिर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की नजर रहेगी लेकिन हथियारों से लैस गार्ड कम से कम नजर आएंगे। जिससे यहां आने वाले भक्तों को असहज महसूस न हो। इसके साथ ही श्रद्धालुओं में भय का माहौल न बने।
एडीजी सुरक्षा वीके सिंह की अध्यक्षता में राममंदिर की सुरक्षा व यात्री सुविधाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ सोमवार को तीन घंटे मंथन किया।
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राममंदिर में प्रतिदिन लाखों भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। सुरक्षा के कारण भक्तों की भक्ति प्रभावित न हो, इसका खास ध्यान रखने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में प्रवेश मार्ग पर एक मॉडर्न कंट्रोल रूम बनाने का प्रस्ताव है।
इससे पूरी अयोध्या की निगहबानी की जाएगी। जमीन से लेकर आसमान तक से सुरक्षा की निगरानी का खाका बना है। पूरे परिसर के साथ-साथ रामनगरी में भी सीसीटीवी कैमरे का जाल बिछाया जाएगा।
मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर हर एक दर्शनार्थी की स्कैनिंग होगी। जगह-जगह सेंसर लगाए जाने की भी योजना है। अभेद्य सुरक्षा चक्र के बीच भक्त पूरी श्रद्धा से दर्शन-पूजन कर सकेंगे।
हर तीन माह पर होने वाली श्रीराम जन्मभूमि स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक पहली बार रामजन्मभूमि कार्यशाला में हुई। रामजन्मभूमि के सुरक्षा ऑडिट की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार ने सीआईएसएफ को सौंपी थी।
सीआईएसएफ के अफसरों ने अयोध्या में 15 दिन रहकर रामजन्मभूमि की सुरक्षा का खाका खींचा है। अब यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। उसका बाद रामजन्मभूमि की सुरक्षा प्लान को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारियों से उनकी सहमति व सुझाव मांगे गये। बैठक से पूर्व सभी सुरक्षा एजेंसियों के अफसरों ने रामजन्मभूमि परिसर का निरीक्षण भी किया।
स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक में एडीजी सुरक्षा व एडीजी जोन के अलावा डीआईजी अमरेंद्र प्रताप सिंह, सीआरपीएफ, पीएसी के अफसर सहित मंडलायुक्त नवदीप रिणवा, डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेंद्र वर्मा, एसपी सुरक्षा पंकज पांडेय, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपालजी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एडीजी जोन बृजभूषण ने बैठक के बाद कहा कि राममंदिर निर्माण के बाद रामलला की सुरक्षा हाईटेक हो और इसे तकनीक से कैसे जोड़ा जाए इस पर मंथन हुआ है।
एडीजी सुरक्षा वीके सिंह ने कहा कि रामलला के मंदिर निर्माण के बाद स्ट्रक्चर कैसा होगा, इस पर विचार किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के ड्राफ्ट को फाइनल स्वरूप देने की कोशिश हुई है।
केंद्रीय व राज्य बल में तालमेल से सुरक्षा का खाका तैयार हो रहा है। हमारा प्रयास है कि सुरक्षा का एक ऐसा प्लान तैयार हो अभेद्य होने के साथ ही भक्तों के लिए भी सुविधाजनक हो।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि अभी हम पहले चरण में 25 हजार यात्रियों-भक्तों के लिए सुविधा केंद्र खड़ा करेंगे। इसके अनुभव के आधार पर आगे का प्लान बनेगा।
भारी भीड़ होने पर भगदड़ न मचे, दर्शन का प्रवेश व निकास मार्ग कैसे हो ताकि एक दिशा से आने-जाने में लोग टकराएं नहीं। यात्रियों को कम से कम कष्ट हो, उनके वाहनों की पार्किंग कहा हो, सामान किस तरह सुरक्षित रखा जाए इस पर भी चर्चा हुई है।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सुग्रीव किला-रामजन्मभूमि तक निर्माणाधीन संपर्क मार्ग का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। बताया कि बैठक में संपर्क मार्ग के निर्माण कार्य में देरी को लेकर चर्चा हुई है। बाधाएं दूर हो गई हैं। शीघ्र ही मार्ग निर्माण पूरा हो जाएगा।
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इन बिंदुओं पर हुआ मंथन
- दर्शनार्थियों की सुविधा
- दर्शनार्थियों की सुरक्षा
- सुरक्षा में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
- भीड़ नियंत्रण का प्लान
- दर्शन मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम
- दर्शन मार्ग पर यात्री सुविधा के प्रबंध
- 25 हजार यात्रियों के लिए सुविधा केंद्र
- प्रवेश मार्ग व निकास मार्ग का प्लान
- भक्तों के सामानों की सुरक्षा

अयोध्या-रामजन्म भूमि परिसर का निरीक्षण करते एडीजी सुरक्षा,एडीजी जोन,जिलाधिकारी,एसएसपी,ट्रस्ट क?- फोटो : FAIZABAD

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