पहाड़ों पर हो रही बारिश से सरयू फिर से उफान पर हैं। जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि अभी भी नदी लाल निशान से 72 सेंटीमीटर नीचे बह रही हैं। नदी के जलस्तर बढ़ने व थमने से तटीय क्षेत्रों के साथ अयोध्या-बिल्वहरिघाट व चिर्राखजुरी बंधे पर कटान का खतरा भी गंभीर हो गया है।
प्रशासनिक स्तर पर नदी में बाढ़ के खतरे को देखते हुए सक्रियता बढ़ा दी गई है। बारिश से उफनाई सरयू में असर दिखने लगा है। सप्ताह भर से धीरे-धीरे बढ़ने के साथ जलस्तर में ठहराव के बाद गिरावट हो रही थी लेकिन मंगलवार की शाम तीन बजे 91.810 मीटर से जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जाने लगी।
तेजी से बढ़ता हुआ जलस्तर रात नौ बजे 91.870 मीटर पर पहुंचकर स्थिर हो गया। मंगलवार की मध्य रात्रि 12 बजे तक जलस्तर स्थिर रहा लेकिन रात एक बजे से इसमें फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, मंगलवार से तेजी से बढ़ रहा जलस्तर बुधवार शाम पांच बजे 92.010 मीटर तक पहुंच गया है।
बताया कि गुरुवार को जलस्तर 92.100 मीटर तक पहुंचने की संभावना है। जलस्तर में ठहराव व गिरावट के बाद तेजी से हो रही बढ़ोतरी से सरयू से सटे इलाकों में कटान का खतरा गंभीर होने लगा है। माना जा रहा है कि नदी के जलस्तर में रुक-रुक कर हो रहे ठहराव व गिरावट के बाद बढ़ोतरी से तटीय क्षेत्रों में कटान भी तेजी से बढ़ेंगे।
शहर के गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों को छूकर निकल रही सरयू नदी के पानी से कटान बढ़ने लगी है। लोग घरों के सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।
नदी में बाढ़ के संभावित खतरे से सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र के मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन, उरदहवा, बाबा का पुरवा, मड़ना मांझा, बलुइया व काजीपुर मांझा जैसे गांवों में जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी से बेचैनी बढ़ गई है।
बाढ़ कार्य खंड के अधिशासी अभियंता जेपी यादव का कहना है कि उफनाई सरयू के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से कटान बढ़ी है। विभागीय कर्मियों की टीम अयोध्या-बिल्वहरिघाट तटबंध व चिर्रा खजुरी तटबंध पर नजर रखे हुए हैं।