फैजाबाद में बुधवार को रिकाबगंज में आचार संहिता लागू होने के बाद होर्डिंग्स हटवाते अधिकारी।
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विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही यहां सरकारी मशीनरी पूरी तरह अपने रौ में आ गई है। डीएम-एसएसपी ने खुद आचार संहिता के पालन की कमान संभाली है। एडीएम-एसपी सिटी व देहात से लेकर तहसीलदार और थानाध्यक्ष तक को नेताओं और उनके समर्थकों के होर्डिंग, बैनर-पोस्टर उखाड़ने के साथ इसे चुनाव आयोग की साइट पर अपलोड करने का अभियान दोपहर बाद बुधवार को शुरू हो गया है। इसी के साथ राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं।
केंद्रीय चुनाव आयोग ने बुधवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का एलान किया। उत्तर-प्रदेश में सात चरणों में मतदान होगा, जिसके पांचवें चरण में फैजाबाद की पांच सीटों समेत कुल 52 सीटों पर चुनाव कराया जाना है। यहां चुनाव का नोटिफिकेशन दो फरवरी को जारी होगा। 9 फरवरी तक नामांकन, 11 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच, 13 फरवरी को नामांकन वापसी और 27 फरवरी को मतदान होना है।
जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक ने अभी तक की चुनाव तैयारियों पर संतोष जताया है। चुनाव में लगने वाले कर्मियों और अधिकारियों की सूची बन गई है। चुनाव प्रबंधन व निगरानी से जुड़ी सभी समितियों को गठित कर आयोग को सूचना भेजी जा चुकी है। अब इन्हें सक्रिय किया जा रहा है।
डीएम विवेक ने बताया कि आयोग की अधिसूचना जारी होते ही बुधवार दोपहर बाद से आचार संहिता लागू हो गई है। जिले में जगह-जगह लगे नेताओं-समर्थकों समेत चुनाव को प्रभावित करने वाले सभी तरह के बैन-पोस्टर, होर्डिंग को साफ कराने का युद्ध स्तर पर अभियान चल रहा है।
सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी इस काम में लगाए गए हैं, इन्हें अपनी कार्रवाई से जुड़ी फोटो चुनाव आयोग की साइट पर अपलोड करनी है, यह काम चल रहा है। अब कोई जनप्रतिनिधि उद्घाटन, शिलान्यास समेत कोई भी ऐसा कार्यक्रम नहीं करेगा, जिससे मतदान प्रभावित हो। उधर, डीएम-एसएसपी का आदेश मिलते ही शहर से लेकर देहात तक होर्डिंग-बैनर और पोस्टर हटाने का काम देर शाम तक जारी रहा।