ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से गुरुवार को बाजार की चमक-दमक फीकी पड़ गई। हाल ये रहा कि सामानों की काफी हद तक आपूर्ति बाधित हुई जिससे बाजार भी बेजार हो गया।
मंडी में जरूरत का सामान नहीं पहुंच पाया जिसके कारण उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। विभिन्न मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टरों की देशव्यापी हड़ताल से मंडी में जरूरत के सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
गुरुवार को ट्रकों के पहिये थमने से नाका स्थित मंडी में हर रोज की तरह चहल-पहल नहीं थी।
सब्जी व फलों आदि की हर रोज की तरह मांग तो थी लेकिन बाजार में मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने के कारण तमाम उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा।
मंडी में सब्जी और फल लेने गए गांधी नगर निवासी एसएन सिंह ने कहा कि हमें तो बड़ा अचरज हुआ कि पहली बार ऐसा हुआ कि सभी सामान नहीं मिला। जो कुछ मिला भी, जितनी मांग थी उसके अनुरूप कम ही मिला।
सब्जी आढ़ती रामटहल ने कहा कि शाकभाजी वाली गाड़ियां कम आई हैं जिसके कारण मंडी में सन्नाटा है। कमोबेश ऐसी ही तस्वीर मौरंग और बालू मंडी में भी दिखी।
धनीराम का पुरवा निवासी आलोक द्विवेदी ने कहा कि मौरंग लेने मंडी गया तो हर रोज के मुकाबले रेट बहुत बढ़ा मिला। ज्यादातर ट्रक फोरलेन के किनारे खड़े मिले।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम पर नजर रखने के लिए फैजाबाद ट्रक ऑपरेटर एवं ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की बैठक जनौरा में हुई।
बैठक में अवधेश सिंह मुन्ना, सुरेश सिंह, रामबाबू गुप्ता, संतोष वर्मा, जसवीर सिंह आदि मौजूद रहे।