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प्रदेश में भी पूरी तरह शराबबंदी के पक्ष में हैं युवा

Tue, 31 Jan 2017 10:08 PM IST
फैजाबाद
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फैजाबाद में मंगलवार को अवध विश्वविद्यालय परिसर में अमर उजाला के कैंपस अड्डा में मौजूद छात्र-छात्राएं । - फोटो : अमर उजाला
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यंगिस्तान में सिस्टम को लेकर आक्रोश है, फिर भी भविष्य के प्रति उम्मीदें जवां हैं। छात्र/छात्राओं को महसूस हो रहा है कि लुभावना आकर्षण न तो युवा के लिए ठीक है और न ही लोकतंत्र के लिए शुभ है। यूपी में शराबबंदी को जरूरी बताया तो हर हाथ को काम देने की योजना और उस पर गंभीरता से अमल करने की कोशिश पर भी चर्चा हुई।
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बुनियादी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा में गिरावट को रोकने के लिए तत्काल प्रभावशाली कदम उठाने की आवाज उठाई गई। लड़कियों ने बिगड़ी कानून-व्यवस्था का भी मुद्दा उठाया। विश्वविद्यालय की खराब कार्य संस्कृति के कारण हो रही परेशानियों को भी बड़ी बेबाकी से व्यक्त किया गया।

स्मार्ट क्लासेज को जरूरी बताया गया। जिले में इलेक्ट्रिल इंडस्ट्री खोले जाने की मांग भी जोर शोर से उठी। मतदान जागरूकता को लेकर मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विवि में आयोजित कैंपस अड्डा में छात्र/छात्राओं ने उक्त विचार व्यक्त किए। 
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शहर में नागरिक असुविधाओं को एक छात्र गिना रहा था, उसी दौरान दूसरे छात्र ने फैजाबाद में मेट्रो की सुविधा दिलाने की मांग कर दी जिसके कारण लोग कक्ष ठहाकों से गूंज उठा। मेट्रों की मांग करने वाले छात्र ने तर्क दिया कि क्या हम किसी से कम पुराने हैं।

इसके बाद स्थापित शहर में मेट्रो सेवा मिल सकती है तो फैजाबाद को क्यों नहीं। जिला चिकित्सालय की खराब कार्य संस्कृति को ठीक करने की मांग उठी। गोरखपुर की एक छात्रा ने कहा कि डॉक्टर और कर्मचारी समय से मिलते नहीं, मिल भी जाएं तो उनका व्यवहार अच्छा नहीं होता है।

बुनियादी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक की गुणवत्ता को सही करने की मांग जनप्रतिनिधियों से की गई। माध्यमिक से लेकर उच्च शिक्षा में स्मार्ट क्लासेज को वक्त की जरूरत बताया गया। गोंडा के एक छात्र ने कहा कि विश्वविद्यालय पहुंचने के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से परिवहन की सीधी सेवा नहीं है। नेता ऐसा हो जो परिवहन की ऐसी सुविधा दिलाए।

विश्वविद्यालय और परिसर में खुले बैंक की कार्यसंस्कृति को छात्रों ने सवालों के कठघरे में खड़ा किया। अकबरपुर की एक छात्रा ने कहा कि छोटा सा भी काम हो तो कई बार जाना पड़ता है। अंबेडकरनगर के एक छात्र ने शराबबंदी को जरूरी बताया। दलों के लुभावने घोषणापत्रों को लोकतंत्र की सेहत के लिए अशुभ संकेत बताते हुए एक छात्र ने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं के हाथों को काम चाहिए।

कई छात्रों ने जनप्रतिनिधि से इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री स्थापित कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे यहीं पर रोजगार मिल जाएगा। वित्तीय निरक्षरता को दूर करने के लिए बैंकों और विवि को तीन-तीन गांव लिए जाने की सलाह दी गई।

एक छात्रा ने कहा सम्यक विकास पर ध्यान देना चाहिए तभी देश आगे बढ़ेगा। दलों की ओर से चुनाव पूर्व जारी घोषणापत्र के वचन से सजग रहने की अपील करते हुए एक छात्रा ने कहा कि किए गए वादों को पूरा करने की बाध्यता होनी चाहिए।
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