अयोध्या। अयोध्या महोत्सव का मंच शनिवार रात प्रख्यात कवियों के नाम रहा। यहां आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन वीर, शृंगार व हास्य रस का संगम रहा। राष्ट्रीय कवि दिनेश बावरा ने अपने अंदाज में सुनाया- काट कलियुग का वनवास अपने धाम आए हैं, अयोध्या में फिर से राजाराम आए हैं...। कवि सम्मेलन का शुभारंभ अयोध्या न्यास समिति के मुख्य संयोजक व विधायक वेदप्रकाश गुप्त, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, मिल्कीपुर विधायक गोरखनाथ बाबा, बीकापुर विधायक प्रतिनिधि डॉ. अमित सिंह चौहान व भाजपा के महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्र ने संयुक्त रूप से किया।
कवियत्री पूजा यक्ष ने मां शारदे की स्तुति प्रस्तुत की। दिल्ली से आईं शालिनी सरगम ने सुनाया- सिमटकर रह गई हूं मैं तेरी यादों के घेरों में, तलाश एक मिलन के सुबह बंदिश के अंधेरों में...। शशांक प्रभाकर आगरा ने सुनाया- आग लेकर हाथ में चला है किधर तू जलेगी ये बस्ती तू भी तो जल जाएगा...। दिल्ली से आए गुणवीर राणा ने देख पाया न बच्चों को रोते हुए उसने सब डिग्रियां बेच दीं, यह सितम देखिए पेट की आग में एक अपाहिज ने बैसाखियां बेच दीं... सुनाकर लोगों की भावनाओं को कुरेदा।
बाराबंकी शिवकुमार व्यास ने सुनाया- दिल्ली के चौहान जब संकट होते तब कविता ही चंदबरदाई बन जाती है...। पूजा यक्ष ने अपने काव्यपाठ में शृंगार रसधार बहाई तो अरुण द्विवेदी ने मां भारती के लाल तूने कर दिया कमाल पढ़ा। अनुजेंद्र तिवारी अनुज ने राष्ट्र की अखंडता को तोड़ते हो खंड-खंड... जैसी ओज की रचनाओं से माहौल में गर्मी पैदा कर दी।
गाजियाबाद के अंकित तोमर व पंकज श्रीवास्तव ने भी बेहतरीन काव्यपाठ किया। इस मौके पर महोत्सव समिति के अध्यक्ष हरीश श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पांडे खुन्नू, सचिव नाहिद कैफ, दानिश अंसारी, अरुण कुमार द्विवेदी, राघवेंद्र श्रीवास्तव, विवेक पांडेय, चंद्रशेखर पांडेय, रोहित रायजादा समेत अन्य उपस्थित रहे।