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छावनी में तब्दील हुई अयोध्या, चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बल, एटीएस तैनात

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अयोध्या। प्रधानमंत्री के आगमन से एक दिन पूर्व मंगलवार को ही अयोध्या के सुरक्षा घेरे को अभेद बना दिया गया। श्रीरामजन्मभूमि परिसर समेत साकेत महाविद्यालय पर बना हैलीपैड स्थल एसपीजी के हवाले है, तो पूरी अयोध्या सीआरपीएफ, आरएएफ, पीएसी व पुलिस बल के जिम्मे कर दी गई है। अतिसंवेदनशील इलाकों में एटीएस के कमांडो तैनात हैं।
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हाईवे, बार्डर से लेकर अयोध्या के प्रवेश के सभी मार्ग बंद कर दिए गए हैं।, यहां सुरक्षाकर्मी लगातार निगरानी रखे हुए हैं। एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत, एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार, एडीजी, सुरक्षा वीके सिंह सहित अन्य अफसर अयोध्या में कैंप कर लगातार सुरक्षा इंतजामों का जायजा ले रहे हैं।
अयोध्या की सुरक्षा को तीन हिस्से में बांटा गया है। पहली जिले के बार्डर की सुरक्षा, दूसरी अयोध्या-फैजाबाद शहर में प्रवेश मार्गों की सुरक्षा व तीसरी अयोध्या नगरी की सुरक्षा शामिल है। इसके अलावा प्रधानमंत्री को छोड़कर अन्य वीवीआईपी की सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। इन इंतजामों के तहत बार्डर व प्रवेश मार्गों पर यूपी पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं तो पूरी अयोध्या की सुरक्षा सीआरपीएफ, आरएएफ व एटीएस के हवाले है। अयोध्या की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र को पांच जोन में बांटा गया है, जिसमें हैलीपैड, हनुमानगढ़ी रोड, रामलला रोड, कार्यक्रम स्थल एवं भूमि पूजन स्थल शामिल हैं।
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इसमें मजिस्ट्रेट एवं पुलिस के एसपी स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गयी है। इसके अलावा 12 कंपनी पीएसी, 3 कंपनी सीआरपीएफ और एक कंपनी महिला सीआरपीएफ की तैनाती की गई है। इसके अलावा अयोध्या के अन्य प्रमुख मठ मंदिरों, गलियों-मोहल्लों व चौराहों पर पुलिस व यातायात पुलिस की तैनाती की गई है।
एडीजी लखनऊ जोन एसएन साबत ने बताया कि सभी अधिकारियों की बैठक कर ड्यूटी प्वांइट की जानकारी दे दी गई है। मंगलवार को एक बार एसपीजी के अधिकारियों के साथ ब्रीफिंग की सभी पांचों जोन का भ्रमण किया गया। कहा कि लोगों से अपील की जा रही है कि बिना कार्य वह घरों से न निकले, घर में रहकर टीवी पर भूमि पूजन का सीधा प्रसारण देखे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व श्रीामजन्मभूमि की सुरक्षा चार स्तरीय होगी, मुख्य सुरक्षा एसपीजी के हवाले होगी जो प्रधानमंत्री के आसपास तैनात होगी। हैलीपैड स्थल साकेत महाविद्यालय से लेकर हनुमानगढ़ी व श्रीरामजन्मभूमि स्थल तक प्रधानमंत्री को ले जाने की जिम्मेदारी एसपीजी की होगी। इसके अलावा दूसरा घेरा अर्धसैनिक बल आरएएफ व सीआरपीएफ, तीसरा घेरा पीएसी का व चौथा घेरा पुलिस के जवानों को होगा।
साकेत महाविद्यालय से हनुमानगढ़ी तक दोनों पटरियों पर बैरिकेडिंग लगाकर इन रास्तों पर आरएएफ की तैनाती कर दी गई है। इसके अलावा श्रीरामजन्मभूमि के आसपास वाले यलो जोन को अर्धसैनिक बलों के हवाले कर दिया गया है जबकि बाकी अन्य अयोध्या की जगह ग्रीन जोन की सुरक्षा की जिम्मेदारी पीएसी व पुलिस को सौंप दी गई है।
डीआईजी/एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं जैसे एंबुलेंस, फायरब्रिगेड, दूध आदि के वाहनों को नहीं रोका जाएगा। शहर में आवश्यक वस्तुओं की दुकानें पूर्ववत खुली रहेगी। शहर में रह लोगों को तकलीफ न हो, इसके लिए सुरक्षाकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
अयोध्या शहर में खुफिया एजेंसियां सक्रि है, साथ ही बम व डॉग स्क्वॉयड चप्पे-चप्पे की निगरानी कर रही है। खुफिया एजेंसियों ने मुख्य मार्ग व यलो जोन में रहने वाले सभी साधु संत, दुकानदार व अन्य लोगों का ब्यौरा जुटाया है। मिश्रित आबादी वाले इलाके, शहर के होटल, धर्मशालाओं में कोई बाहरी तो नहीं है, इसकी तस्दीक की जा चुकी है। इसके अलावा अयोध्या समेत कई अन्य जिलों से आई बम व डॉग स्कवॉयड की टीम ने मंगलवार को श्रीरामजन्मभूमि परिसर, हैलीपैड स्थल, हनुमानगढ़ी समेत मुख्य मार्ग पर सड़क के दोनों किनारों की सघन तलाशी ली।
सुरक्षा को लेकर शहर में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया है। शहर के यलो जोन (श्रीरामजन्मभूमि के आसपास का एरिया) व ग्रीन जोन (शहर का शेष हिस्सा) में विभिन्न स्थानों पर करीब 500 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। परिसर समेत नयाघाट व कोतवाली अयोध्या व थाना रामजन्मभूमि में बनाए गए कंट्रोल रुम से पूरे शहर की निगरानी की जा रही है। इसके अलावा श्रीरामजन्मभूमि परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार, हनुमानगढ़ी चौराहा व मंदिर परिसर आदि में बाडी वार्न कैमरों के साथ महिला व पुरुष सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं शहर में 6 ड्रोन कैमरों की माध्यम से भी नजर रखी जा रही है।
मंगलवार की शाम 6 बजे से अयोध्या के सभी प्रवेश मार्गों को सील कर दिया गया। स्थानीय लोगों को परिचय पत्र दिखाने के बाद भी आने जाने नहीं दिया जा रहा था। प्रशासन व पुलिस व सरकारी कार्य में लगे वाहनों को छोड़ किसी अन्य वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। शहर के मुख्य मार्ग पर किसी तरह के वाहन नहीं चलने दिए गए। वहीं, देर रात हाईवे पर भी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। यातायात पुलिस द्वारा वाहनों को डायवर्ट कर पूर्व में निर्धारित अन्य रास्तों से उनके गंतव्य पर रवाना किया गया।
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