देश में 1000 व 500 के नोट अचानक बंद करने के फरमान के बाद पहले दिन लोगों को काफी परेशानी हुई। सबसे अधिक सांसत फुटकर न होने से पेट्रोल पंप व मेडिकल स्टोर पर लोगों ने झेली। रौनाही टोल प्लाजा पर भी बंद हुए नोट नहीं लिए जाने से कई बार तकरार और गालीगलौैज की नौबत आई।
इससे वाहनों की कतारें लगीं रहीं। हालात विस्फोटक न हो इसके मद्देनजर पुलिस फोर्स तैनात कर लोगों को समझा-बुझाकर यातायात बहाल कराया गया। इधर कार्तिक मेला में रामनगरी आए लाखों श्रद्धालुओं के लिए भी हजार व पांच सौ के नोट परेशानी का सबब बने रहे। इस सबके बावजूद लोग सरकार के कदम को सराहते दिखे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात देश के नाम संबोधन में एक हजार व पांच सौ के भारतीय नोट को आधी रात से बंद करने का ऐलान किया, तभी से जिलेभर में लोगों की नींद हराम है। जिलेभर में पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर जहां पांच सौ व हजार की पुरानी नोट 72 घंटे तक चलने का आदेश है, वहां फुटकर की समस्या से लोगों की तू-तू मैं-मैं होती रही।
रौनाही टोल प्लाजा पर पांच सौ व हजार का नोट न लेने को लेकर सुबह से ही तकरार शुरू हुई। दोपहर होते-होते स्थिति विस्फोटक हो गई। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। टोल कर्मी बंद हुई नोट लेने को तैयार नहीं थे। गालीगलौज, धमकी के बाद पुलिस तैनात करनी पड़ी। कई वाहनों को बगैर टोल के छोड़ना पड़ा।
प्रबंधक आशीष का कहना है कि दिक्कतें हो रही हैं, लोग टैक्स देने के लिए हजार व पांच सौ की नोट देते हैं, जिसे हम ले नहीं सकते। इधर, कार्तिक मेला में भी दूरदराज से रामनगरी आए लाखों श्रद्धालुओं के लिए हजार व पांच सौ का नोट परेशानी का सबब बना रहा। तमाम श्रद्धालु हाथ में नोट लिए चाय-नाश्ता व निजी बसों के भाड़ा को लेकर परेशान दिखे।