जिला और महिला अस्पताल में शुक्रवार को नर्सों की हड़ताल से एक दो नहीं, बल्कि 15 लोगों का ऑपरेशन स्थगित करना पड़ा। इनमें से पांच प्रसूताएं हैं। स्टाफ नर्सें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से खफा हैं।
संगठन अध्यक्ष उर्मिला विश्वकर्मा का कहना है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों में नर्सों का भत्ता समाप्त हो जाएगा। इसीलिए शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर सभी स्टाफ नर्सों ने एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर इमरजेंसी के सामने प्रदर्शन किया।
उसके बाद संघ भवन में बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की। कहा कि यदि उनकी मांगों में सरकार ने विचार नहीं किया तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होंगी। इस दौरान स्टाफ नर्सें महज इमरजेंसी वार्ड में कार्य करती रहीं।
प्रदर्शन करने वालों में नर्सेज एसोसिएशन की अध्यक्ष उर्मिला विश्वकर्मा, मंत्री अजय सिंह, अनीता मिश्रा, गीता पांडेय, प्रभा सिद्दकी, गीतारानी, राधेश्री, कुसुम, राजपति, दुर्गा पाल, मेवाती चौधरी, मनोरमा मिश्रा, कविता श्रीवास्तव, सुनीता त्रिपाठी, सुमनलता वैश्य, प्रमिला, सावित्री वर्मा मौजूद रहीं।