डोगरा रेजीमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर ज्ञानोदय ने कहा कि देश की परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं और सीमाओं की रक्षा के साथ आपदा से निपटने के लिए होनहार सैनिकों की जरूरत है। प्रशिक्षण हासिल करने वाले जवान यहां सिखाए गये हुनर का अपनी यूनिट में पहुंचकर उपयोग करेंगे।
वे शनिवार को डोगरा रेजीमेंटल सेंटर के जमींदार लाला ड्रिल ग्राउंड पर रिक्रूटों की पासिंग आउट परेड की सलामी लेने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आला दर्जे की ड्रिल व उच्चकोटि के टर्नआउट के लिए जवानों को शाबासी दी। प्रशिक्षण पूरा करने वाले 225 रिक्रूटों को पास आउट घोषित किया गया है।
ब्रिगेडियर ज्ञानोदय ने सभी रिक्रूटों को संकल्प दिलाया कि वह हमेशा भारतीय सेना की सर्वोत्तम सैनिक परंपरा को बनाए रखेंगे और रेजिमेंट के आदर्श वाक्य ‘कर्तव्यमन्वात्मा’ अर्थात ‘स्वयं से पूर्व कर्तव्य’ को सदैव याद रखेंगे।
डोगरा रेजीमेंटल केंद्र की ओर से बताया गया कि 34 सप्ताह से चल रहा रिक्रूटों का प्रशिक्षण पूरा हो गया। 225 रिक्रूटों को पास आउट घोषित किया गया है। इन पास आउट रिक्रूटों को शनिवार को समारोह पूर्वक शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत रेजिमेंट के पाइप बैंड के साथ परेड फालइन के साथ हुई। पासिंग आउट परेड में रिक्रूटों के परिवारीजन व स्कूली बच्चे, सैन्य अधिकारी, सैनिक व अन्य मौजूद रहे।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मिला मेडल
डोगरा रेजीमेंटल सेंटर में आयोजित प्रशिक्षण में लवी कुमार को सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट घोषित किया गया। खेलकूद में विशाल शर्मा, ड्रिल में गुरनाम सिंह, रक्षा ज्ञान में रोहित पठानिया, शारीरिक प्रशिक्षण में शाश्वत, शस्त्र एवं फायरिंग में तीरथ कुमार व शारीरिक क्षमता में लवलू शर्मा को अव्वल घोषित किया गया।