धनतेरस और दीपावली का उत्साह चहुंओर देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां लोग अपने घरों को सजाने-संवारने में जुटे हैं, वहीं खरीददारी भी जमकर हो रही है। धनतेरस पर्व के लिए बर्तन, गहने, गणेश-लक्ष्मी, झालर और दिउली क खूब बिक्री हुई।
बीते साल की तुलना में इन सभी के दामों में बढ़ोत्तरी हो गई है फिर भी ग्राहकों से बाजार अटे-पटे दिखे, जिससे चौक, रिकाबगंज, नाका आदि जगहों पर सड़क जाम जैसी स्थिति कई बार पैदा हो गई। हर जगह तो उछाल है लेकिन आन लाइन बाजार ने इलेक्ट्रानिक सामान और बर्तन के दुकानदारों को हैरत में डाल दिया है।
सामानों की बिक्री के लिए सजी दुकानों से रिकाबगंज से चौक तक का नजारा बदला-बदला दिख रहा है। पटरियों तक कब्जा करके दुकानों को करीने से सजाया गया है। दिल्ली पचास से सत्तर रुपए सैकड़ा बिक रहा है। पूजन-अर्चन के लिए ग्राहक दीए व मिट्टी के अन्य सामान खरीद रहे हैं।
पूजन अर्चन के लिए खरीदा जा रहा पतला चूड़ा 60-80, लइया 45-50 और धान का लावा 90-150 रुपए किलो पहुंच गया है। गरीब तबके की ओर से सबसे ज्यादा खरीदे जाने वाला चम्मच भी इस बार नौ रुपए प्रति चम्मच हो गया है।
वैसे तो ऑन लाइन बाजार के प्रभाव ने इलेक्ट्रानिक्स व बर्तन के बाजार को प्रभावित कर दिया है। बर्तन कारोबारी संजय कौशल ने कहा कि ऑन लाइन कारोबार के प्रति बढ़ती रुचि ने अब पहले जैसी स्थिति हम लोगों की नहीं रह गई।
सर्राफा बाजार में मोरपंख से बनी ज्वैलरी की जबरदस्त मांग है। सोना-चांदी मढ़ी मोर पंख की ज्वैलरी, चांदी के बर्तन, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, चांदी के सिक्के, सोने की अंगूठी और चूड़ियां तथा गले के सेट की मांग ग्राहकों की ओर से की जा रही है।
सर्राफ रामजी सोनी ने कहा कि ग्राहकों की मांग के कारण बाजार में रौनक है। दो पहिया और चार पहिया वाहनों की भी बिक्री पिछले वर्ष के सापेक्ष ज्यादा होने की संभावना है।
वाहन एजेंसियों पर धनतेरस व दीपावली में गाड़ी खरीदने के लिए ग्राहक पहले से ही कागजी औपचारिकताएं पूरी कर शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे हैं।