अयोध्या। दीक्षांत समारोह में पहुंचीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गुरुवार को रामनगरी के विभिन्न मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। राज्यपाल ने रामलला का दर्शन कर मां सरयू की आरती उतारी।
वहीं हनुमानगढ़ी, कनकभवन व दशरथमहल में भी पूजन-अर्चन कर उनकी ऐतिहासिकता व मान्यताओं के बारे में मौजूद संतों व पुजारियों से जानकारी ली।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का शाम 4 बजे से दर्शन-पूजन का कार्यक्रम तय था लेकिन वे निर्धारित कार्यक्रम से पूर्व ही करीब ढाई बजे रामलला के दरबार में माथा टेकने पहुंच गईं।
उन्होंने रामलला के दरबार में माथा टेका और फिर हनुमानगढ़ी पहुंची। हनुमानगढ़ी के संत राजू दास व रमेश दास द्वारा राज्यपाल को महावीरी लगाकर व माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
पुजारी रमेश दास ने प्रसाद स्वरूप तुलसी का पत्ती राज्यपाल को भेंट किया तो उन्होंने बड़े ही आदर के साथ उसे यत्न पूर्वक अपने पास रखा। उन्होंने मंदिर की परिक्रमा भी की। यहां से राज्यपाल का काफिला सीधे सरयू तट पर पहुंचा। सहत्रधारा घाट पर वैदिक मंत्रोच्चारों के मध्य राज्यपाल ने मां सरयू की 251 बत्ती की आरती उतारी।
सरयू पूजन के बाद राज्यपाल पुन: रामकोट पहुंची और राजा दशरथ का महल बड़ास्थान में धनुषधारी भगवान का दर्शन किया। मंदिर के महंत देवेंद्रप्रसादाचार्य के कृपापात्र संत रामभूषण दास कृपालु महाराज ने मंदिर में उनका स्वागत किया। उन्होंने मंदिर की मान्यताओं के बारे में भी संत कृपालु महाराज से जानकारी हासिल की।
इस दौरान अयोध्या नगर निगम के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, जिलाध्यक्ष भाजपा अवधेश पांडेय, जिलाधिकारी अनुज झा, एसएसपी मोहित तिवारी, एडीएमसिटी वैभव मिश्र सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
कनकभवन में श्रद्धालुओं ने पूछा हाल चाल
दशरथमहल बड़ास्थान में करीब 15 मिनट तक दर्शन-पूजन के बाद राज्यपाल का काफिला कनकभवन पहुंचा। कनकभवन के दरबार में भी राज्यपाल ने करीब दस मिनट तक पूजन-अर्चन कर मंदिर की परिक्रमा की।
यहां पहुंचने पर मंदिर के पुजारियों द्वारा वैदिकपरंपरा के अनुरूप राज्यपाल का स्वागत किया गया। दर्शन-पूजन के बाद कनक भवन की सीढ़ियों से उतरी तो यहां मौजूद श्रद्धालुओं से भी बात की। यतिराज भवन के दो वेद पाठी छात्रों अनंत रामानुजदास व अश्विनी से पूंछा कि कहां पढ़ाई करते हो।